नालंदा-गया-नवादा को जोड़ेगा ये नया रूट, बनेगा 26KM लंबा नया ग्रीनफील्ड फोरलेन हाईवे, बनेंगे 5 नए बाईपास

Bihar Infrastructure Project: नालंदा जिले में पर्यटन और आवागमन को बेहतर बनाने के लिए कई नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. पथ निर्माण विभाग के सचिव ने योजनाओं का निरीक्षण कर समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए. नई सड़कें, बाईपास और फोरलेन हाईवे बनने से यातायात आसान होगा.

By Paritosh Shahi | January 4, 2026 6:30 PM

Bihar Infrastructure Project: बिहार के नालंदा जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने और यातायात को रफ्तार देने के लिए सड़कों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया जा रहा है. पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने जिले का दौरा कर चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य नालंदा को पटना, गया और नवादा जैसे पड़ोसी जिलों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना है.

राजगीर के लिए नई फोरलेन और बाईपास की सौगात

पर्यटन के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट एनएच-82 पर सालेपुर से राजगीर तक बनने वाला 26.66 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड हाईवे है. यह नया रास्ता पूरी तरह आधुनिक होगा. इससे पटना से राजगीर की दूरी तय करना आसान होगा और समय की भी काफी बचत होगी.

इसके अलावा राजगीर में होने वाले अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए खेल परिसर से इंडो होक्के होटल तक एक नई सड़क का निर्माण होगा. लगभग 7.4 किलोमीटर लंबी यह सड़क कुबरी और फतेहपुर जैसे इलाकों से होकर गुजरेगी. इससे शहर के मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा.

प्रमुख कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स और समय सीमा जानिये

बख्तियारपुर रेलवे ओवरब्रिज– बख्तियारपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के पास बन रहे टू-लेन ओवरब्रिज को मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

नूरसराय-सिलाव चौड़ीकरण– नूरसराय से सिलाव तक 22 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सड़क को चौड़ा किया जाएगा. इस रास्ते में 5 नए बाईपास बनाए जाएंगे, ताकि घनी आबादी वाले बाजारों को उजाड़ना न पड़े.

हिलसा पूर्वी बाईपास– हिलसा शहर में जाम से मुक्ति दिलाने के लिए 7 किलोमीटर लंबा पूर्वी बाईपास बनेगा. जिसमें दो बड़े फ्लाईओवर (ROB) भी शामिल होंगे.

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तीन जिलों को जोड़ेगा नया कॉरिडोर

नालंदा, नवादा और गया को आपस में जोड़ने के लिए वाणगंगा से जेठियन-गहलौर होते हुए भिंडास तक की सड़क को अब नेशनल हाईवे के स्तर पर विकसित किया जा रहा है. यह रूट बौद्ध सर्किट और धार्मिक पर्यटन के लिए रीढ़ की हड्डी साबित होगा.

सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जमीन अधिग्रहण से जुड़ी रुकावटों को तुरंत दूर किया जाए. इन सड़कों से न केवल सफर आसान होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए व्यापार और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे.

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