ईरान का दावा: अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागा, ट्रंप के शांति वार्ता का दिया जवाब

USS Abraham Lincoln : ईरान अब शांति वार्ता के मूड में नहीं है, उसने बुधवार को अमेरिका को यह चेतावनी दी कि अगर उसका युद्धपोत उनकी रेंज में आया, तो वे फायर करेंगे. इस चेतावनी के महज एक घंटे बाद ही ईरान ने अब्राहम लिंकन युद्धपोत पर हमला कर दिया है. इस क्रूज मिसाइल हमले का वीडियो सरकारी टीवी पर जारी किया गया है.

USS Abraham Lincoln : ईरान ने दावा किया है कि उसने नेवी की चेतावनी के ठीक एक घंटे बाद अमेरिका के विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन पर क्रूज मिसाइल से हमला किया है.हालांकि ईरान के इस दावे पर अमेरिका की ओर से कोई कंफर्मेशन या जवाब नहीं आया है. ईरान ने अब्राहम लिंकन पर हमला करने का दावा सरकारी टीवी पर किया है.

चाबहार के पास अब्राहम लिंकन पर किया गया हमला!

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार उन्होंने अमेरिका के चलते-फिरते युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर कोस्टल क्रूज मिसाइल दागी है. इस मिसाइल के दागे जाने से कितना नुकसान हुआ, इसकी भी अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि अपुष्ट खबरों के अनुसार ईरान ने चाबहार बंदरगाह के पास अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागा है. यह डेवलपमेंट तेहरान की बढ़ती बयानबाजी के बीच हुआ है, वह भी तब, जब अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्री शांति योजना भेजी थी.

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क्या है अब्राहम लिंकन की खासियत?

अब्राहम लिंकन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थे और उनके नाम पर ही अमेरिकी एयरबेस यानी विमानवाहक पोत का नाम अब्राहम लिंकन रखा गया है.यह दुनिया के सबसे शक्तिशाली युद्धपोतों में गिना जाता है. यह एक चलता-फिरता एयरबेस है, जिसपर 60–70 लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर तैनात हो सकते हैं.यह युद्धपोत पानी में रहकर ही हवाई हमले कर सकता है और अपनी रक्षा भी कर सकता है. यह युद्धपोत परमाणु ऊर्जा से चलता है और इसमें परमाणु रिएक्टर लगे होते हैं. यह सालों तक बिना ईंधन भरे काम कर सकता है. यह लगभग 333 मीटर लंबा युद्धपोत है.इसपर 5000 लोग सवार हो सकते हैं, जिसमें क्रू मेंबर और एयरविंग शामिल होते हैं. अब्राहम लिंकन कहां तैनात होता है इसकी सही लोकेशन के बारे में जानकारी सिर्फ अमेरिकन नेवी को ही होती है. यह प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, अरब सागर और फारस की खाड़ी में भी भ्रमण करता है.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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