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मुजफ्फरपुर की इन 17 पंचायतों का होगा पुनर्गठन, बदल जायेगा जिले का भूगोल, पंचायती राज विभाग को भेजा गया प्रस्ताव...

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
स्मार्ट सिटी मुजफ्फरपुर
स्मार्ट सिटी मुजफ्फरपुर
फाइल

मुजफ्फरपुर जिले में तीन नगर परिषद का विस्तार और सात नये नगर पंचायत बनने से 17 पंचायतों का पुनर्गठन होगा. इससे इन पंचायतों की भौगोलिक स्थिति भी बदल जायेगी. जिला पंचायतीराज पदाधिकारी ने इसका प्रस्ताव विभाग को भेज दिया है. दरअसल, नगर परिषद व नगर पंचायत बनने के बाद बचे शेष गांवों की जनसंख्या तीन हजार या उससे अधिक होने पर (1991 के जनगणना आधार पर) उन गांवों को पंचायत बनाना है. इससे कम आबादी होने पर पास की पंचायतों में इन गांवों को मिलाना है. इस नियम के अनुसार सकरा का 1, कांटी 3, साहेबगंज 5, मोतीपुर 4, सरैया 3 और मीनापुर के एक पंचायत का स्वरुप बदल जायेगा.

बदलेगा नाम भी :

अनुशंसा के अनुसार साहेबगंज नगर पंचायत के साथ सरैया व मीनापुर नगर पंचायत बनने से इसमें शामिल हाेने वाली पंचायतों का नाम और भगौलिक स्थिति बदल जायेगी. नगर परिषद मोतीपुर, कांटी के साथ नगर पंचायत सकरा, कुढ़नी, मुरौल में पूरे पंचायतों के शामिल होने से इसके नामकरण में कोई बदलाव नहीं होगा.

इस नाम से नया पंचायत हाेगा

वही साहेबगंज प्रखंड में हिम्मतपट्टी के नाम से नया पंचायत हाेगा. मीनापुर प्रखंड के चांदपरना पंचायत का कुछ हिस्सा नगर पंचायत में शामिल होने के बाद भी चांदपरना पंचायत का अस्तित्व बरकरार रहेगा. इसके साथ ही चांदपरना पंचायत में ही मीनापुर पंचायत का बचा हिस्सा भी शामिल किया जायेगा. वहीं सरैया प्रखंड के मनीकपुर पंचायत का नारायणपुर माल, वीरपुर तथा बासुचक को बगल के पंचायत कोल्हुआ में शामिल कर दिया जाएगा.

इन पंचायतों के नाम में होगा परिवर्तन

साहेबगंज नगर परिषद में गुलाबपट्टी, हलीमपुर, रामपुर असली और बैद्यनाथपुर का आंशिक भाग शामिल किया गया था. गुलाबपट्टी पंचायत का मुख्यालय गुलाबपट्टी के नगर परिषद में शामिल होने से शेष बचे गांवों में जनसंख्या सर्वाधिक होने से पंचायत मुख्यालय का नाम हिम्मतपट्टी किया जा सकता है.

इस गांव का अस्तित्व समाप्त हो जायेगा

वहीं ग्राम पंचायत बैद्यनाथपुर और रामपुर असली के शेष बचे गावों की जनसंख्या तीन हजार से कम होने के कारण इसका अस्तित्व समाप्त हो जायेगा. बैद्यनाथपुर पंचायत के शेष बचे गांव खुशैदा को पास की पंचायत अहियापुर में, करनौल नीलकंठ को पंचायत वासुदेवपुर सराय में शामिल किया जा सकता है. वहीं रामपुर असली के अवशेष गांव लोदिया को विशुनपट्टी में शामिल किया जाएगा.

आबादी कम होने से पड़ेगा असर 

सरैया प्रखंड में नयी नगर पंचायत सरैया के सृजन से पंचायत चकइब्राहिम, मनिकपुर, गोपीनाथपुर दोकड़ा और सरैया का आंशिक भाग शामिल किया गया है. इसमें मनिकपुर पंचायत का मुख्यालय नगर पंचायत में शामिल हो गया. शेष राजस्व ग्राम नारायणपुर माल, वीरपुर और बासुचक की आबादी तीन हजार से कम होने से सभी को पास की पंचायत कोल्हुआ में शामिल किया जा सकता है.

ये भी हुआ बदलाव 

मीनापुर प्रखंड में नई नगर पंचायत मीनापुर के गठन से चांदपरना के शेष बचे गांव की आबादी तीन हजार से अधिक होने से पंचायत को यथावत रखा गया है. मीनापुर पंचायत के शेष बचे गांवों की आबादी तीन हजार से कम होने पर पास की पंचायत चांदपरना में शामिल किया गया है.

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