रिमांड होम कर्मियों की फंसी गरदन

By Prabhat Khabar Digital Desk
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मुजफ्फरपुर: बाल कैदी रूपेश की हत्या मामले में रोज नये खुलासे हो रहे हैं. रूपेश के पिता कमलेश सिंह ने गया व मुजफ्फरपुर रिमांड होम के सभी कर्मियों पर अपने पुत्र की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी है.

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद रिमांड होम के सभी कर्मियों की गरदन फंस गयी है. छानबीन में पता चला है कि रूपेश के साथ प्रिंस नाम के बाल कैदी की झड़प हुई थी. उसके गुट के बाल कैदी ने मारपीट की थी. लेकिन लापरवाही का आलम यह है कि मारपीट की घटना की जानकारी होने के बाद भी रिमांड होम में तैनात कर्मियों ने रूपेश को इलाज के लिए भरती नहीं कराया. रविवार को तबियत बिगड़ने पर उसे मृत अवस्था में ही सदर अस्पताल लाया गया था. सूत्र बताते हैं कि प्रिंस मंगलवार को भी खुलेआम रूपेश से मारपीट की घटना के बारे में बोल रहा था. हालांकि इसकी पुष्टि करने के लिए कोई तैयार नहीं है. इधर, नगर पुलिस ने मंगलवार को जांच शुरू कर दी है.

नगर पुलिस रिमांड होम में रह रहे सभी बाल कैदी का नाम व पता दर्ज कर चुकी है. सभी बाल कैदी व तैनात रिमांड होम कर्मी से अलग-अलग वीडियोग्राफी करा कर उनका बयान दर्ज करेगी. नगर पुलिस का कहना है कि एक टीम गया भी जाकर पूछताछ करेगी. यहां बता दें कि गया जिला के रिमांड होम से 10 अगस्त को रूपेश मुजफ्फरपुर

आया था.आने के साथ ही वह भागने के फिराक में था. वह किसी तरह अस्पताल में भरती होना चाह रहा था. मारपीट के दौरान उसे पकड़ कर पीठ को लोहे के गरम रॉड से दाग दिया गया था. यह भी बात सामने आयी है कि मारपीट से पूर्व से उसे नशा की गोली दे दी गयी थी. हालांकि इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही हो पायेगा.

बाल कैदी की मौत की न्यायिक जांच शुरू
रिमांड होम हुए बाल कैदी की मौत मामले में न्यायिक जांच शुरू हो गई है. मंगलवार को जेजे बोर्ड प्रधान दंडाधिकारी संतोष कुमार व सदस्य डॉ अर्चना अनुपम ने रिमांड होम में जाकर जांच की. इस दौरान तैनात सभी कर्मचारियों से पूछताछ की. वहां रह रहे सभी बाल कैदी के बारे में पूरी छानबीन की गई. जेजेबी की टीम वहां घंटों अपनी जांच करती रही. जांच करने के बाद जेजेबी की टीम शाम में वहां से निकली. जेजेबी की सदस्य डॉ अर्चना अनुपम ने बताया कि अभी जांच चल रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट व पुलिस की जांच रिपोर्ट को देखा जा रहा है. उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है. इस मामले में अब तक रिमांड होम के कुछ कर्मियों के लापरवाही की बात सामने आ रही है. अभी पूरी तरह से स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है.

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