दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा घोरघट बेली ब्रिज

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बरियारपुर: मुंगेर-भागलपुर के बीच राष्ट्रीय उच्च पथ 80 पर स्थित घोरघट बेली ब्रिज दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है. ब्रिज पर बिछाये गये लोहे के प्लेट जंग खाकर जजर्र हो चुके हैं और कई प्लेट में बड़े-बड़े छिद्र हो गये हैं. दूसरी ओर पुल का एलाइमेंट भी टेढ़ा हो चुका है. फलत: कभी भी मुंगेर-भागलपुर […]

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बरियारपुर: मुंगेर-भागलपुर के बीच राष्ट्रीय उच्च पथ 80 पर स्थित घोरघट बेली ब्रिज दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है. ब्रिज पर बिछाये गये लोहे के प्लेट जंग खाकर जजर्र हो चुके हैं और कई प्लेट में बड़े-बड़े छिद्र हो गये हैं. दूसरी ओर पुल का एलाइमेंट भी टेढ़ा हो चुका है. फलत: कभी भी मुंगेर-भागलपुर का सड़क संपर्क भी भंग हो सकता है.
मुंगेर एवं भागलपुर जिले के सीमा पर मणि नदी पर स्थित घोरघट बेली ब्रिज के माध्यम से ही पूर्व बिहार के मुंगेर, लखीसराय का सड़क संपर्क भागलपुर, नवगछिया व कहलगांव से है. यह बेली ब्रिज अपनी आयु सीमा पार कर चुकी है और इसका एलाइमेंट भी भाग चुका है. पुल पर वाहनों के आवागमन के लिए जो लोहे के प्लेट बिछाये गये हैं वह जजर्र हो चुका है. प्लेट में बड़े-बड़े छिद्र हो चुके हैं जो दुर्घटनाओं को सीधे तौर पर आमंत्रित कर रहा है. कभी भी वाहनों का चक्का इस बड़े आकार के गड्ढ़े में घुस कर दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं.

स्थानीय वार्ड सदस्य संजय मोदी, ग्रामीण पंकज कुमार, निगम कुमार महतो, रामू रजक, संजय कुमार ने बताया कि कई बार तो बाइक सवार बेली ब्रिज पर बिछाये गये प्लेट के गड्ढ़े में जाकर अपना संतुलन खो दिया है और गार्डर से टकरा कर घायल भी हुए हैं. प्लेट की जजर्रता दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है. दिन में तो लोग गड्ढ़े को देख कर बचाव भी कर लेते हैं. लेकिन सबसे भयावह स्थिति रात्रि में होती है. लोग अंधेरे में गड्ढे को देख नहीं पाते हैं और लड़खड़ा कर गिर पड़ते हैं. यह पुल दो जिलों मुंगेर एवं भागलपुर को जोड़ती है. वर्तमान में इस पुल से भारी वाहनों के गुजरने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इस पुल से ट्रक व बस का परिचालन नहीं होता. फिर छोटे चार पहिया वाहन ही पुल से होकर गुजरती है. विदित हो कि वर्ष 2006 में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का काफिला श्रवणी मेला का उद्घाटन करने सुल्तानगंज जा रहा था तो घोरघट ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया था. बाद में सरकार ने इस पुल पर बेली ब्रिज बना कर आवागमन को सुचारु रखा. लेकिन अब बेली ब्रिज भी दम तोड़ रही है. अलबत्ता यह भूमि अधिग्रहण के पेच में घोरघट ब्रिज का मामला फंसा हुआ है और पुल बनाने का कार्य भी अधर में लटका है.

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