बिहार सरकार के 'शिव सर्किट' का स्वागत, धरोहरनाथ और कल्याणेश्वर स्थान को शामिल करने की उठी मांग

बिहार सरकार के 'शिव सर्किट' विस्तार के प्रस्ताव का स्वागत हुआ है. इसमें हरलाखी के धरोहरनाथ महादेव स्थान और कल्याणेश्वर महादेव स्थान को शामिल करने की मांग की गई है. यह कदम राज्य में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है.

Shiv Circuit Harlaakhi:बिहार सरकार द्वारा राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 'शिव सर्किट' विकसित करने के फैसले का स्वागत किया गया है. बिहार अभियंत्रण सेवा संघ के पूर्व महासचिव डॉ. सुनील कुमार चौधरी ने इस निर्णय को क्रांतिकारी कदम बताया है.इसके साथ ही उन्होंने हरलाखी विधानसभा क्षेत्र के पौराणिक धरोहरनाथ महादेव स्थान और कल्याणेश्वर महादेव स्थान को इस सर्किट में शामिल करने की अपील की है.

पौराणिक स्थलों को जोड़ने से बढ़ेगा पर्यटन

डॉ. चौधरी के अनुसार,धरोहरनाथ और कल्याणेश्वर स्थान को शिव सर्किट में शामिल करने से ये स्थल रामायण सर्किट के फुलहर के साथ मिलकर एक त्रिभुजाकार धार्मिक पर्यटन क्षेत्र का निर्माण करेंगे. इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को पौराणिक कथाओं का भौतिक दर्शन होगा और क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही तेजी से बढ़ेगी.

स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

बिहार सरकार की शिव सर्किट योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रमुख शिव मंदिरों को आपस में जोड़कर सड़कों और विश्वस्तरीय सुविधाओं का विकास करना है. हरलाखी के इन दो प्रसिद्ध स्थलों के जुड़ने से स्थानीय स्तर पर पर्यटन उद्योग को गति मिलेगी,रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और बेरोजगारी में कमी आएगी.

हरलाखी का होगा समावेशी विकास

इंजनों के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. चौधरी ने कहा कि इस पहल से हरलाखी विधानसभा क्षेत्र का संपर्क राज्य,देश और पड़ोसी देश नेपाल से और मजबूत होगा.इन धार्मिक धरोहरों को शिव सर्किट से जोड़ने पर क्षेत्र के समावेशी विकास को नई रफ्तार मिलेगी. ये भी पढ़ें:26 जुलाई से 5 अगस्त तक चलेगा नया राशन कार्ड अभियान, घर-घर जाकर मिलेंगे फॉर्म


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >