भींग गया 5000 क्विंटल धान
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 Apr 2015 6:51 AM (IST)
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फुलपरास : धान अधिप्राप्ति योजना में लापरवाही बरतने के कारण किसानों का करीब पांच हजार क्विंटल धान बरबाद हो गया. सोमवार की दोपहर आयी बारिश से करीब पांच हजार क्विंटल धान पानी में पूरी तरह भींग गया. जो अब किसी काम का नहीं रह गया है. इससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. दरअसल […]
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फुलपरास : धान अधिप्राप्ति योजना में लापरवाही बरतने के कारण किसानों का करीब पांच हजार क्विंटल धान बरबाद हो गया. सोमवार की दोपहर आयी बारिश से करीब पांच हजार क्विंटल धान पानी में पूरी तरह भींग गया. जो अब किसी काम का नहीं रह गया है. इससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
दरअसल अनुमंडल क्षेत्र के चारों प्रखंड में धान खुले आसमान के नीचे रखा गया था. गोदाम में धान रखने की जगह नहीं थी. इस मामले को लेकर कई बार किसानों ने विभागीय अधिकारियों को धान के रख रखाव की उचित व्यवस्था करने की गुहार भी लगायी थी. पर इस गुहार को विभाग ने नजर अंदाज किया. इसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है.
जानकारी के अनुसार, अनुमंडल क्षेत्र के चारों प्रखंडों में करीब पांच हजार क्विंटल धान पानी में भींग गया है. इसमें सबसे अधिक धान घोघरडीहा के क्रय केंद्र पर खराब हुई है. इस क्रय केंद्र पर करीब दो हजार क्विंटल धान खुले में रखा था. जबकि फुलपरास क्रय केंद्र पर 700 क्विंटल, खुटौना क्रय केंद्र पर 750 क्विंटल एवं लौकही क्रय केंद्र पर करीब 17 क्विंटल धान पानी में भींग गया है. धान लेकर किसान क्रय केंद्र पर आते हैं. पर क्रय केंद्र पर धान की खरीद नहीं हो पाती है. जिस कारण किसान अपना धान क्रय केंद्र के बाहर रख कर इसकी बिक्री के आस में बैठे हैं. पर इस प्रतीक्षा ने किसानों के सारी पूंजी को ही बर्बाद कर दिया. सोमवार की तेज बारिश ने किसानों के धान को
क्या कहते हैं अधिकारी
एसडीओ विजय कुमार ने बताया है कि क्रय केंद्र प्रभारी व एसएफसी जिला प्रबंधक से इस मामले को लेकर जानकारी ली जायेगी. दोषी पदाधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
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