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बिहार के मधेपुरा में मौत बनकर मजदूरों पर गिरी ईंट भट्ठे की दीवार, मातम में बदल गयी होली की खुशी

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
मौत बनकर मजदूरों पर गिरी दीवार
मौत बनकर मजदूरों पर गिरी दीवार
prabhat khabar

घैलाढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत चित्ती पंचायत के भगवानपुर गांव के बहियार में स्थित एपीएस मार्का चिमनी पर ईंट निकालने के क्रम में शनिवार को चिमनी के घेराबंदी की दीवार गिर से जाने से दबकर दो मजदूरों की मौत हो गयी और दो घायल हो गये. स्थानीय ग्रामीणों व मजदूरों ने बताया कि भगवानपुर गांव के बहियार में स्थित एक एपीएस मार्का भट्ठे का चिमनी है, जिसमें ईंट निकालने का काम किया जा रहा था. ईंट निकालने के दौरान बगल में लगे दीवार के गिर जाने से उसके नीचे दबकर चिमनी पर काम करने वाले दो मजदूर की मौत हो गयी. वहीं दो जख्मी हो गया.

मजदूरों में मृतक संतोष शर्मा (30 वर्ष) पिता कपिल शर्मा, मृतक सुवेन शर्मा (25 वर्ष) पिता दूधाय शर्मा घैलाढ़ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत भतरन्धा परमानपुर पंचायत के बलुआहा गांव वार्ड सात निवासी थे, जो चिमनी पर ईंट निकालने का काम कर रहे थे. दीवार गिरने से शिव शंकर शर्मा व योगेंद्र शर्मा जख्मी हो गये.

इधर, मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. घटना के बाद मजदूरों के बीच भट्ठे पर भगदड़ मच गयी. लोगों ने बताया कि मजदूरों की मौत की खबर सुनकर चिमनी मालिक फरार हो गया. जानकारी के अनुसार चिमनी में तीन लोगों की साझेदारी है, जिसमें पप्पू यादव, अरुण चौधरी व शंभू यादव शामिल है. चिमनी मालिक भी घैलाढ़ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत चिकनोटवा गांव के निवासी हैं. थानाध्यक्ष रामनारायण यादव ने बताया कि इस मामले में अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी है. आवेदन मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.

ईंट भट्टे पर दीवार गिरने से दबकर हुई दो मजदूरों की मौत मामले में प्रथम दृष्टया चिमनी मालिक की लापरवाही सामने आ रही है. घटनास्थल पर मिले दीवार को देखने से यह जानकारी मिलती है कि चिमनी निर्माण में खनन विभाग द्वारा जारी गाइड लाइन का पालन नहीं किया गया है. विभाग द्वारा जारी न्यूनतम मानक का भी पालन संचालक नहीं करते है.

चिमनी पर मौजूद मजदूरों ने बताया कि भट्टे की दीवार 36 इंची की होनी चाहिए और बाहर साइड से रावीस देकर दीवार को जाम करना चाहिए. इस तरह से नहीं रहने के कारण इसी वजह से ईटों की दीवार की प्लेट खिसक गयी. इस कारण मजदूर की मौत हो गयी. इस और भट्ठा मालिक का कोई ध्यान नहीं है और मजदूरों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. भट्टे पर ना ही कोई डॉक्टर बैठता है.

ग्रामीणों ने भट्ठा के अंदर और भी मजदूर दबे होने की आशंका जतायी,जिस पर प्रशासन ने जेसीबी मंगाकर भट्ठा के गिरे दीवार को जेसीबी से मलवा हटाकर साफ किया गया, जिसमें कोई किसी भी प्रकार का कुछ भी नहीं मिला. ज्ञात हो कि जिले के अधिकांश चिमनी पर मानक पालन नहीं हो रहा है. इसके पूर्व भी कई जगहों पर दीवार गिरने से मजदूरों की मौत हुई है. इसके बावजूद विभाग व जिला प्रशासन संज्ञान नहीं ले रही है.

Posted By: Thakur Shaktilochan

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