चला अभियान: बच्चों को चाबी थमानेवाले अभिभावक निशाने पर, कम उम्र बाइकरों पर होगी कार्रवाई

Published at :26 Mar 2015 7:35 AM (IST)
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चला अभियान: बच्चों को चाबी थमानेवाले अभिभावक निशाने पर, कम उम्र बाइकरों पर होगी कार्रवाई

किशनगंज: कम उम्र के युवाओं द्वारा बेतरतीब तरीके से बाइक चलाने व यातायात नियम का पालन नहीं करने के कारण दुर्घटनाओं के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर किशनगंज पुलिस प्रतिदिन सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाये जा रहे है. बुधवार को यातायात प्रभारी सह जिला नियंत्रण कक्ष प्रभारी अवर निरीक्षक सज्जाद हुसैन ने चेकिंग के […]

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किशनगंज: कम उम्र के युवाओं द्वारा बेतरतीब तरीके से बाइक चलाने व यातायात नियम का पालन नहीं करने के कारण दुर्घटनाओं के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर किशनगंज पुलिस प्रतिदिन सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाये जा रहे है. बुधवार को यातायात प्रभारी सह जिला नियंत्रण कक्ष प्रभारी अवर निरीक्षक सज्जाद हुसैन ने चेकिंग के दौरान आधा दर्जन वाहनों को चेकिंग के दौरान जब्त कर मोटर गाड़ी अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं में चालान काट जुर्माना किया.
ऐसे बाइक सवार रहे सावधान. बाइक चालक की उम्र 18 वर्ष से कम रहने, गाड़ी चलाने हेतु लाइसेंस नहीं रहने, वाहन का समुचित वैध कागजात नहीं रहने या अन्य किसी भी तरह का यातायात नियम का आप पालन नहीं कर रह है तो सोच समझ कर गाड़ी अपने घर से निकाले वरना आपको जुर्माना करते हुए चालान पुलिस काट सकती है.
किस अपराध के लिए क्या है जुर्माना. मोटर गाड़ी अधिनियम 1988 के अंतर्गत आज्ञा का उल्लंघन और सूचना देने से इनकार करने पर धारा 179 के तहत पांच सौ रुपया जुर्माना था. एक महीना कारावास या दोनों, बिना लाइसेंस या 18 वर्ष से कम उम्र के युवक द्वारा गाड़ी चलाने पर धारा 181 के तहत पांच सौ रुपया जुर्माना या तीन महीने की सजा या दोनों हो सकती है. धारा 112 में अंकित स्पीड से अधिक स्पीड में गाड़ी चलाने पर धारा 183 के तहत पहली अपराध के लिए एक हजार रुपये तथा पुन: वही अपराध करने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना हो सकता है. खतरनाक ढंग से गाड़ी चलाने या शराब पीकर या अन्य कोई नशा कर गाड़ी चलाने पर पकड़ने जाने पर धारा 184 के तहत पहली अपराध के लिए दो हजार रुपये जुर्माना या छह महीने की सजा, पुन: वही अपराध करने पर दो वर्ष का कारावास का प्रावधान है. दुर्घटना होने पर धारा 187 के तहत पहली अपराध के लिए पांच सौ रुपया जुर्माना या तीन महीना की सजा या दोनों हो सकती है.
पुन: दुर्घटना की अपराध होने पर एक हजार रुपया जुर्माना या छह महीने की सजा या दोनों का प्रावधान है. बिना निबंधन के गाड़ी परिचालन पर धारा 192 के तहत पांच हजार रुपये का जुर्माना या एक वर्ष की सजा हो सकती है. वहीं बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर धारा 197 के तहत एक हजार रुपये का जुर्माना या तीन वर्ष की सजा हो सकती है. बिना हेलमेट व बिना जूता पहने बाइक चलाने पर दो सौ रुपया एवं तीन लोडिंग कर बाइक चलाने पर पांच सौ रुपये जुर्माना भरना पड़ सकता है.
क्या कहते हैं डीटीओ. जिला परिवहन पदाधिकारी सत्य नारायण मंडल ने कहा कि यातायात नियम संबंधी जो भी कानून बनाये गये है वह आम लोगों के सुरक्षा की दृष्टिकोण से ही बनाये गये है. चालक यदि यातायात के सभी नियम को समुचित तरीके से पालन करें तो दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम की जा सकती है.
क्या कहते हैं एसपी. पुलिस अधीक्षक राजीव रंजन ने कहा कि असुरक्षित ड्राइविंग से चालक स्वयं के साथ साथ दूसरों को भी परेशानी में डालते है. इसलिए यातायात नियमों का सही से पालन किया जाना बेहद जरूरी है.
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