अंतवर्ती फसलों से किसानों की दुगुनी होगी आय

Updated at : 29 May 2024 11:12 PM (IST)
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एक समय में दो फसल खरीफ सीजन में किसान करेंगे खेती

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खरीफ मौसम में इस बार किसान अंतवर्ती फसलों में बाजरा और अहरहर, ज्वार व अरहर लगाकर अपनी आय दुगुनी करेंगे. खाद्य एवं पोषण सुरक्षा कृषोन्नति योजना एवं राष्ट्रीय विकास योजना के अधीन न्यूट्री सिरियल पोषक अनाज कार्यक्रम वर्ष 2024-25 अंतर्गत इसके लिए कलस्टर का निर्धारण किया गया है. अंतवर्ती फसल प्रत्यक्षण में इस वर्ष बाजरा अरहर और ज्वार अरहर को शामिल किया गया है. किसानों को इसके लिए विभाग द्वारा जागरूक किया जा रहा है. एक ही समय में दो फसलों को लगाकर किसानों को घाटा कम लाभ अधिक होगा. ऐसा कृषि विभाग के पदाधिकारियों का भी कहना है. ऐसा इसलिए कि एक फसल की नुकसान होने पर दूसरे फसल की उपज से इसकी भरपाई होगी. उनलोगों की माने तो अरहर दो वर्षीय फसल है दो इसके जड़ काफी गहरायी तक जाते हैं. इस तरह एक ही समय में दो फसल आसानी से किसान कर सकते हैं. इससे किसानों को समेकित फसलों का लाभ मिलना तय है. विभाग द्वारा कुल 75 एकड़ में प्रत्यक्षण का लक्ष्य दिया गया है. अंतवर्ती फसल बाजरा अरहर प्रत्यक्षण के लिए 25 एकड़ में एक कलेस्टर में इसे किया जाना है. इसके लिए पच्चीस किसानों का समूह निर्धारित किया गया है. इसे एक प्रखंड एक पंचायत व एक राजस्व ग्राम पंचायत में करना है. इसी तरह अंतवर्ती फसल ज्वार और अरहर पचास एकड़ में किया जाना है. इसके लिए दो कलेस्टर निर्माण कर इसकी खेती किया जाना है. जबकि इसकी खेती दो प्रखंड के दो पंचायत, दो राजस्व ग्राम में किया जाना है. कृषि विभाग के पदाधिकारियों की माने तो विभाग की ओर से हर वर्ष बदल बदल कर अंतवर्ती फसल प्रत्यक्षण का लक्ष्य दिया जाता है.

छह क्विंटल बीज की होगी आवश्यकता

कृषि विभाग के पदाधिकारियों की माने तो अंतवर्ती फसल प्रत्यक्ष बाजरा अरहर, ज्वार अरहर प्रत्यक्ष के लिए 75 एकड़ में तीन प्रखंडों लगने वाली फसल में कुल छह क्विंटल बीज की आवश्यकता होगी. बाजरा और अरहर के लिए क्रमश: 0.5 क्विंटल और ज्वार प्लस अहर के लिए क्रमश: एक व तीन कुल छह क्विंटल बीज का वितरण पहले आओ पहले पाओ के तर्ज पर किया जाना है.

कहते हैं जिला कृषि पदाधिकारी

खरीफ सीजन में इस बार अंतवर्ती फसल प्रत्यक्षण के रूप में जिला को बाजरा-अरहर और ज्वार अरहर के रूप में दिया गया है. कुल 75 एकड़ में प्रत्यक्षण करने का निर्देश है. कलस्टर में बांटकर इसकी खेती करने का निर्देश है. इससे किसानों को दुगुनी आय होगी. हर हाल में दिये लक्ष्य को पूरा करने के लिए निर्देश दिया गया है.

सुधीर कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी

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