जहानाबाद से संजय अनुराग की रिपोर्ट
Jehanabad News : अग्निशमन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि 25 प्रतिशत से भी कम निजी अस्पताल, क्लीनिक, होटल एवं रेस्टोरेंट में आग से बचाव के इंतजाम हैं. अब तक करीब 100 से अधिक संस्थानों का सर्वेक्षण किया जा चुका है, जिनमें से केवल 24 संस्थानों में फायर सुरक्षा के इंतजाम मिले हैं, जबकि 76 संस्थानों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नजर नहीं आए हैं.
निजी क्लीनिक और अस्पतालों में व्यापक लापरवाही
जांच के दौरान अब तक करीब 60 निजी क्लीनिक और अस्पतालों में अग्निशमन विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा पड़ताल की गई है. इनमें से केवल 15 निजी क्लीनिक और अस्पतालों में आग लगने की घटना के दौरान सुरक्षा और बचाव के इंतजाम पाए गए हैं, जबकि 45 अस्पतालों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नजर नहीं आए हैं. इसी तरह अब तक किए गए सर्वेक्षण के दौरान 40 होटल और रेस्टोरेंट की पड़ताल की गई है, जिसमें से केवल 9 में ही सुरक्षा और सेफ्टी के इंतजाम पाए गए हैं, जबकि 31 होटल और रेस्टोरेंट में सुरक्षा इंतजामों का अभाव नजर आया है.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर लगे भी हैं, उनमें से 30% या तो खराब हैं या उनके उपयोग की तिथि खत्म (एक्सपायर) हो चुकी है. मुजफ्फरपुर और दिल्ली में अगलगी की घटना के बाद बिहार सरकार के आदेश पर जहानाबाद के अनुमंडल अधिकारी राजीव रंजन सिन्हा और जिला अग्निशमन पदाधिकारी स्नेही सोनल द्वारा यह संयुक्त पड़ताल की जा रही है.
यह हैं अग्नि से सुरक्षा के जरूरी इंतजाम
प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के लिए मुख्य रूप से फायर एक्सटिंग्विशर, स्मोक डिटेकटर, स्प्रिंकलर, फायर अलार्म और होज रील जैसे सुरक्षा इंतजाम होने आवश्यक हैं.
क्या कहती हैं जिला अग्निशमन पदाधिकारी
जिला अग्निशमन पदाधिकारी स्नेही सोनल ने कहा कि अग्नि सुरक्षा में खामी पाए जाने वाले संस्थानों को नोटिस दिया जा रहा है, जिसमें 15 दिन के भीतर सुरक्षा के सारे इंतजाम दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं. अगर यह संस्थान 15 दिनों में अपने यहां आग लगने की स्थिति में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें संस्थान को सील करने की कार्रवाई भी शामिल है.
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