Jehanabad News: जहानाबाद जिले के घोसी प्रखंड में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर पंचायत शिक्षिका के नियोजन का मामला सामने आया है. मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित शिक्षिका के खिलाफ घोसी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है.
यह कार्रवाई माननीय उच्च न्यायालय, पटना के आदेश के तहत राज्यभर में चल रहे नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक प्रमाणपत्र सत्यापन अभियान के दौरान की गई है.
मैट्रिक प्रमाणपत्र सत्यापन में मिला फर्जीवाड़ा
जांच में पता चला कि वर्ष 2015 में दिव्या कुमारी को मैट्रिक, इंटर और बीईटीईटी के अंकों के आधार पर प्राथमिक विद्यालय भारथू में पंचायत शिक्षिका के पद पर नियुक्त किया गया था.
उनके मैट्रिक अंकपत्र का सत्यापन उड़ीसा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, कटक से कराया गया. बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि संबंधित रोल नंबर उसके आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं है.
इसके आधार पर मैट्रिक प्रमाणपत्र को फर्जी और कूटरचित माना गया.
FIR दर्ज, अन्य दस्तावेजों की भी जांच
सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने शिक्षिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई.
इसके साथ ही उनके अन्य शैक्षणिक और नियोजन संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है. जांच रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी को भेजी जाएगी.
सेवा समाप्ति समेत हो सकती है कार्रवाई
प्रशासन ने संकेत दिया है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षिका की सेवा समाप्त करने सहित अन्य प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
प्रमाणपत्र सत्यापन अभियान रहेगा जारी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियोजित शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच लगातार जारी रहेगी.
यदि किसी शिक्षक का शैक्षणिक प्रमाणपत्र फर्जी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
