रेलवे तत्काल टिकट के लिए 24 घंटे पहले लग जाती लाइन, नाम का कटता है पर्चा, कतार में जूते-चप्पल रख होता इंतजार

Indian Railways: होली को लेकर रिजर्वेशन टिकटों की मारामारी है. अधिकांश सुपरफास्ट, मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में सीट व बर्थ उपलब्ध नहीं है. किसी-किसी में तो नो रूम है. होली स्पेश्ल ट्रेनों की भी सीट फुल है. ऐसे में यात्रियों के पास तत्काल और बिचौलियों का ही विकल्प बचा है.
Indian Railways: होली को लेकर रिजर्वेशन टिकटों की मारामारी है. अधिकांश सुपरफास्ट, मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में सीट व बर्थ उपलब्ध नहीं है. किसी-किसी में तो नो रूम है. होली स्पेश्ल ट्रेनों की भी सीट फुल है. ऐसे में यात्रियों के पास तत्काल और बिचौलियों का ही विकल्प बचा है. इसमें भी अगर 24 घंटा से अधिक पहले से कागज पर लोगों की कतार लगे तो टिकट मिलना पहाड़ पर चढ़ने जैसा लगता है. कुछ ऐसी ही व्यवस्था मुजफ्फरपुर जंक्शन स्थित रिजर्वेशन (पीआरएस) काउंटर का.
मुजफ्फरपुर पीआरएस के बाहर उसके मेनगेट पर कागज पर नंबर लगाये जा रहे है. उक्त कागज पर जो पहले नाम लिख दिया, उसका पहला स्थान पक्का माना जाता है. वहां कागज कौन चिपकाता है और कौन उसपर लिखने की अनुमति देता है. इसपर आरपीएफ चुप्पी साध ली है. हालांकि, जो टिकट के लिए नंबर लगाने आये थे. उनका कहना है कि यह कागज आरपीएफ की ओर से चिपकाया जाता है और उनकी निगरानी में ही तत्काल के लिए नंबर भी लगाया जाता है. कागज पर पहला नाम जिसका होता है, उसे पहले स्थान पर खड़ा कर दिया जाता है.
Also Read: Indian Railways: यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी, 30 मार्च तक बदले रूट से चलेंगी कई ट्रेनें, यहां देखें सूची
तकरीबन 24 घंटा से पहले उक्त कागज पर नाम लिखिकर नंबर लगाना होता है. कई बार नामों को लेकर मारपीट तक यात्री कर बैठते है. पूमरे के सीपीआरओ वीरेंद्र कुमार ने बताया कि कॉमर्शियल विभाग के पदाधिकारी से जांच रिपोर्ट तलब की गयी है.
शनिवार की सुबह 10 बजे स्लीपर क्लास के टिकट के लिए पहुंचे कुढ़नी के सुस्ता निवासी मनोज मंडल ने बताया कि वह 12 तारीख के लिए टिकट लेने आये थे. लेकिन, उसवक्त तक कई लोग कागज पर नंबर लगा चुके थे. इसलिए वह जंक्शन से टिकट नहीं ले सके. वह बिचौलिया से टिकट लेकर आगे की यात्रा करेंगे. इसकी प्रकार से कई लोग कागज पर लगे नंबर को देखकर लौट गये. बताया जाता है कि बिचौलिया स्लीपर क्लास के लिए एक हजार से 15 सौ और एसी क्लास के लिए 15 सौ से तीन हजार तक में कंफ्रम टिकट दे रहे है. रेलवे के काउंटर से खरीदा गया टिकट आरएसी या वेटिंग है तो उसके कंफ्रर्म होने की संभावना ना के बराबर होती है.
बताया जाता है कि मुजफ्फरपुर जंक्शन या फिर सोनपुर व समस्तीपुर मंडल के स्टेशनों से खुलने वाली कई ट्रेनों में अधिकारियों का कोटा है. जो उचित प्राधिकार के माध्यम से एलॉट किया जाता है. लेकिन, इनदिनों कोटा के सीट के लिए रेलवे के अधिकारियों के पास पैरबीकारों की सूची लंबी हो गयी है. जिसका जितना लंबा पैरबी, उसके सीट कंफ्रर्म होने की संभावना उतनी ही अधिक मानी जा रही है.
दूसरे शब्दों में कहा जाए तो तत्काल बुकिंग प्रणाली मूल स्टेशन से ट्रेन के समय के विरुद्ध एक दिन पहले खोली जाती है. एसी क्लास के लिए तत्काल बुकिंग सुबह 10:00 बजे शुरू होती है और स्लीपर के लिए सुबह 11:00 बजे शुरू की जाएगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




