Hajipur Illegal parking : बिहार के हाजीपुर में हाईवे किनारे ट्रकों की अवैध पार्किंग ने एक बार फिर सड़क हादसों का बड़ा खतरा पैदा कर दिया है. रामाशीष चौक से लेकर एनएच-22 और एनएच-122बी पर जहां-तहां खड़े ट्रक सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारी सब कुछ जानकर भी कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं. ऐसा लगता है जैसे स्थानीय प्रशासन फिर से किसी बड़े और दर्दनाक हादसे के होने का इंतजार कर रहा है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की हो रही अनदेखी
शहर के रामाशीष चौक स्थित रेलवे ओवरब्रिज, सराय थाना क्षेत्र के पटेढ़ा टोल प्लाजा और औद्योगिक क्षेत्र समेत कई जगहों पर ट्रकों का अवैध कब्जा देखने को मिल रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे किनारे वाहनों की पार्किंग पर सख्त निर्देश जारी कर रखे हैं. इसके बावजूद न तो परिवहन विभाग इस पर ध्यान दे रहा है और न ही स्थानीय पुलिस कोई ठोस कार्रवाई कर रही है. सिस्टम की यह लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है.
रात के समय बढ़ जाता है हादसों का सबसे ज्यादा खतरा
दिन के मुकाबले रात के समय हाईवे पर अवैध रूप से खड़े ये ट्रक किसी यमदूत से कम नहीं होते. लाइन होटलों के पास ट्रक चालक घंटों अपनी गाड़ियां सड़क पर ही खड़ी कर देते हैं और खाना खाने या आराम फरमाने चले जाते हैं. अंधेरे में तेज रफ्तार वाहनों को सड़क किनारे खड़े ये ट्रक नजर नहीं आते, जो भीषण टक्कर और मौत का कारण बनते हैं.
अवैध पार्किंग से सिंगल लेन में तब्दील हो रही सड़क
हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच-22 पर सराय टोल प्लाजा से लेकर भगवानपुर बाजार स्थित ओवरब्रिज और गोढीयां पुल तक चालकों की मनमानी सिर चढ़कर बोल रही है. ट्रकों के सड़क किनारे खड़े रहने से हाईवे का एक लेन पूरी तरह ब्लॉक हो जाता है और सड़क सिंगल लेन बन जाती है. इसी वजह से इन मार्गों पर आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं.
पुराने दर्दनाक हादसों से भी नहीं लिया गया सबक
मालूम हो कि जिले में पूर्व में भी ऐसी लापरवाही के कारण कई जानें जा चुकी हैं. बीते 8 अप्रैल 2025 को महिसौर थाना क्षेत्र के पंसल्ला चौक के पास एक ऐसा ही भीषण हादसा हुआ था. उस हादसे में एक स्विफ्ट डिजायर कार सवार दूल्हा-दुल्हन समेत चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी. घटना के बाद कुछ दिन जांच अभियान चला और चालान काटे गए, लेकिन फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.
एसपी और डीटीओ की कार्यशैली पर भी उठ रहे सवाल
इन प्रमुख मार्गों से दिन-रात जिले के वरीय अधिकारी गुजरते हैं. रात में जिले के एसपी शुभांक मिश्रा खुद सड़कों पर उतरकर वाहनों की जांच करते हैं, लेकिन रामाशीष चौक के पास ओवरब्रिज पर खड़े दर्जनों अवैध ट्रक उन्हें भी दिखाई नहीं देते. वहीं, जब इस मसले पर जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) से बात करने की कोशिश की गई, तो उनका सरकारी नंबर ही बंद मिला. इससे आसानी से समझा जा सकता है कि जिम्मेदार अधिकारी अपनी ड्यूटी को लेकर कितने संजीदा हैं.
Also Read : हाजीपुर: दूसरे के सर्टिफिकेट पर कर रही थी सरकारी नौकरी, फर्जी पंचायत शिक्षिका पर FIR दर्ज
