वैशाली के किसानों को बताया गया जैविक खाद का फायदा, रासायनिक उर्वरकों से घट रही मिट्टी की उर्वरा शक्ति

Hajipur News : वैशाली जिले में केंद्र सरकार के 'खेत बचाओ अभियान' के तहत किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. इसी क्रम में देसरी के उफरौल में बैठक हुई. इसमें उर्वरकों के संतुलित उपयोग व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई.

देसरी (वैशाली) से मनोहर कुमार की रिपोर्ट
Hajipur News :
उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूरे देश में एक जून से 30 जून तक “खेत बचाओ अभियान” चलाया जा रहा है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर पूरे देश के सभी जिलों में जागरूकता कार्यक्रम, किसान गोष्ठी व प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. शुक्रवार को वैशाली जिले के देसरी प्रखंड के उफरौल पंचायत में किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. चावल विकास निदेशालय भारत सरकार पटना के निदेशक डॉ मान सिंह, सहायक निदेशक डॉ अरविंद कुमार समेत अन्य पदाधिकारियों ने किसानों को उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी.

अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से घट रही मिट्टी की उर्वरा शक्ति


उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक एवं असंतुलित प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है तथा पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है. किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के प्रयोग, जैविक खादों के उपयोग, फसल अवशेष प्रबंधन की तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया गया. कार्यक्रम में अधिकारियों व कर्मियों ने भी किसानों को प्राकृतिक खेती एवं मृदा संरक्षण के लाभों के बारे मे भी अवगत कराया. किसानों ने कृषि विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया.

खाद्य तेल के कम उपयोग के लिए किसानों को किया गया प्रेरित


उन्होंने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न केंद्र एवं राज्य सरकार की कृषि योजनाओं, समेकित पोषक तत्व प्रबंधन तथा हरी खाद के उपयोग और उसके लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला. प्रधानमंत्री के आह्वान पर खाद्य तेल के कम उपयोग करने के लिए किसानों को प्रेरित किया गया. कार्यक्रम में किसान सिताब लाल राय, गेना राय, कपिलदेव राय, बलिंद्र सिंह, संजय राय, गुरुदास राय, सुबोध कुमार, शंभू कुमार राय, समेत सैकड़ों किसान भाग लिए.

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Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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