हाजीपुर में बीस सूत्री की बैठक में उठा मानदेय का मामला, राशन कार्ड की समस्याओं पर अधिकारियों को घेरा

Hajipur News: हाजीपुर के देसरी प्रखंड में आयोजित बीस सूत्री बैठक में स्वच्छता पर्यवेक्षकों और नल-जल ऑपरेटरों के लंबित मानदेय, राशन कार्ड निरस्तीकरण, आंगनबाड़ी अनियमितता, कचरा उठाव और विकास योजनाओं की जांच जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.

Hajipur News: (मनोहर कुमार) वैशाली जिले के देसरी प्रखंड कार्यालय स्थित किसान भवन में आयोजित प्रखंड बीस सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में स्वच्छता व्यवस्था, नल-जल योजना, राशन कार्ड, आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली और विभिन्न विकास योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में स्थानीय विधायक महेंद्र राम, बीस सूत्री अध्यक्ष हरेंद्र सिंह, अंचल अधिकारी निशु सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार प्रसून सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मचारी एवं सदस्य उपस्थित रहे.

स्वच्छता पर्यवेक्षकों और नल-जल ऑपरेटरों के भुगतान पर जोर

बैठक के दौरान सदस्यों की मांग पर विधायक महेंद्र राम ने कहा कि पूर्व से कार्यरत किसी भी स्वच्छता पर्यवेक्षक या सफाई कर्मी को बिना उचित कारण नहीं हटाया जाना चाहिए. उन्होंने कार्यरत कर्मियों के लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही नल-जल योजना के ऑपरेटरों को कई महीनों से बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान करने की बात कही.

गर्मी के मौसम में बिजली और पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान

विधायक ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल और बिजली आपूर्ति अत्यंत महत्वपूर्ण है. इसलिए संबंधित विभाग पूरी तरह सक्रिय रहकर आम जनता को निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराएं.

राशन कार्ड, कचरा उठाव और अनुरक्षकों के भुगतान का उठा मुद्दा

बैठक में अनुरक्षकों के भुगतान बंद होने, कई वार्डों में कचरा उठाव प्रभावित रहने तथा गरीब परिवारों के राशन कार्ड निरस्त किए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया. सदस्यों ने मांग की कि पात्र लाभुकों की जांच कर उन्हें शीघ्र राशन कार्ड और खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए.

आंगनबाड़ी और पंचायत योजनाओं की जांच की मांग

जफराबाद पंचायत की विभिन्न योजनाओं की जांच कराने, आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण में कथित अनियमितताओं की समीक्षा तथा बीस सूत्री सदस्यों के मानदेय भुगतान का मामला भी बैठक में उठाया गया. सदस्यों ने आरोप लगाया कि कई आंगनबाड़ी केंद्रों में वास्तविक उपस्थिति कम होने के बावजूद अधिक बच्चों की हाजिरी दर्ज की जाती है. इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई.

समय पर कार्यालय पहुंचने और शिकायतों के त्वरित निपटारे के निर्देश

बीस सूत्री अध्यक्ष हरेंद्र सिंह ने सभी प्रखंड स्तरीय कर्मियों को समय पर कार्यालय आने तथा आम जनता की शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

जीविका, आगलगी मुआवजा और सड़क निर्माण पर भी हुई चर्चा

सदस्य दयानंद झा ने जीविका कार्यालय के कर्मचारियों की अनुपस्थिति और महिलाओं के उत्थान के लिए दिए गए ऋण के दुरुपयोग का मुद्दा उठाते हुए जांच एवं कार्रवाई की मांग की. साथ ही आगलगी की लंबित घटनाओं में प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग भी रखी.

विधायक महेंद्र राम ने आश्वासन दिया कि जिन टोलों में अब तक सड़क नहीं पहुंची है, वहां मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क पथ योजना के तहत सड़क निर्माण कराया जाएगा. बैठक के अंत में अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्णय लिया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ.

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Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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