1. home Hindi News
  2. state
  3. bihar
  4. gopalgunj
  5. rescue work in the fierce stream of gandak anganwadi center difficult to escape worry about high school in gopalganj bihar asj

गंडक की उग्र धारा में समा रहा बचाव कार्य, आंगनबाड़ी केंद्र का बचना मुश्किल, हाइस्कूल को लेकर चिंता

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
कटाव स्थल
कटाव स्थल
प्रभात खबर

गोपालगंज : गंडक नदी के का पानी खतरें के निशान से 20 सेमी नीचे पहुंचने के बाद कटाव बेकाबू हो गया है. अहिरौलीदान- विशुनपुर बांध पर विशंभपुर गांव के पास बांध पर नदी के टकराने और यहां से धारा के मुड़ने से बांध को बचाने के लिए गये कार्य को नदी अपने आगोश में लेती जा रही. कटाव बांध को निशाना बनाये हुए है. अब तो आंगनबाड़ी केंद्र भवन को भी बचा पाना मुश्किल दिख रहा. जिस गति से कटाव हो रहा उससे हाइस्कूल व बांध के बगल वाले गांवों पर भी खतरा बना हुआ है. जबकि बचाव कार्य को रिकवर करने की चुनौती विभाग पर भारी पड़ रही.

लोगों में बैचेनी

विभागीय सूत्रों का मानना है कि बांध सुरक्षित करने के लिए बचाव कार्य को ही रिकवर करने की प्राथमिकता है. दिनभर कराये गये बचाव कार्य को नदी पलक झपकते अपने आगोश में ले ले रही. वहां फिर प्रोटेक्शन वर्क किया जा रहा. पारकुपाइन और हाथी पांव से नदी के बेग को रोका जा रहा. अब नदी खतरे के निशान से नीचे चली गयी है. जिससे कटाव परेशान कर रहा. कटाव से कुचायकोट प्रखंड के विशंभरपुर बाजार, फिल्ड पर का गांव, हाइस्कूल, कालामटिहनिया, सिपाया टोला, विशंभरपुर, दुर्ग मटिहनिया, गुमनिया, अमवां विजयपुर, सलेहपुर आदि गांवों के लोगों में बेचैनी है.

फिलहाल बांध पूरी तरह सुरक्षित

उधर,सदर प्रखंड के जगीरीटोला में भी कटाव तेज हो गया है. खेतों में कटाव होने से ग्रामीण भयभीत हो उठे है. मौके पर एक्सपर्ट अधीक्षण अभियंता रविशंकर ठाकुर, कार्यपालक अभियंता महेश्वर शर्मा ,सहायक अभियंता अजय किशोर शर्मा,कनीय अभियंता विभाष कुमार गुप्ता, म मजीद की टीम कैंप कर बचाव कार्य को कराने में जुटे हुए. विशेषज्ञों की टीम ने बचाव के नये तरीके से कार्य को पूरा कराने में जुटे है. फिलहाल बांध पूरी तरह सुरक्षित है.

मडवा में टूटे बांध को बांधने का काम शुरू

बैकुंठपुर प्रखंड के मडवा में राजस्व छरकी के टूटे हुए स्थल पर बांधने का काम तेज हो गया है. कार्यपालक अभियंता नवल किशोर सिंह ने बताया कि अगले तीन-चार दिनों में मडवा में बांध को बाधने का काम पूरा हो जायेगा. उसके बाद उसे बेहतर ठंग से प्रोटेक्ट करने का काम किया जायेगा. पहले बांध को बांध कर उसे ठीक किया जा रहा. इससे पूर्व पकहां- फैजुल्लाहपुर में भी फ्रंट लाइन के टूटे हुए बांध को बांधने में सफलता मिल चुका है. जबकि देवापुर, भैसही-पुरैना बांध को भी बांधा जा चुका है. सर्वाधिक बांध बैकुंठपुर में ही टूटा था. अभी पांच बांधों को बांधने की कोशिश चल रही.

बाढ़ के पानी से भरी धमई नदी दे रही दर्द

बरौली. प्रखंड की सड़कों से बाढ़ का पानी हट गया है, लेकिन बाढ़ का दिया दर्द बाढ़पीड़ितों को अभी तड़पायेगा. बाढ़ का पानी अब प्रखंड के कुछ गांवों तथा खेतों तक सिमट गया है, लेकिन पुल तथा नदियों से पानी का प्रचंड बहाव अभी जारी है. बाढ़ के पानी की तेजी और उसकी मारक क्षमता का गवाह मोहनपुर आश्रम स्थित पीसीसी सड़क है, जो मोहनपुर से खजुरिया को जोड़ती है. इस सड़क का निर्माण हुए अभी अधिक दिन नहीं हुए, लेकिन बाढ़ के पानी की तेज धार ने इस सड़क को नदी में समाने पर मजबूर कर दिया. फिलहाल यह सड़क पूरी तरह नदी में विलीन हो गयी है. अच्छी बात यह है कि धमई नदी में पानी का बहाव धीरे-धीरे कम हो रहा है अन्यथा सड़क किनारे बने कई घरों को भी खतरा हो सकता था.

जरूरत के अनुरूप चल रहा बचाव कार्य : विभाग

जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता महेश्वर वर्मा ने ग्रामीणों के आरोपों पर कहा कि नदी कटाव कर रही. जिससे बांध के प्रोटेक्शन में कराये गये स्टर्ड, बेडवार, जीओ बैग लंच कर रहा. अभी विभाग सिर्फ प्रोटेक्शन वर्क को रिकवर कर बचा लेंगे तो बांध पर कोई खतरा नहीं होगा. गांव के लोग चाहते है कि 24 घंटे सैकड़ों लोगों को लगाकर काम क्यों नहीं कराया जा रहा. जबकि ग्रामीणों का आरोप हैं युद्ध स्तर पर कार्य बचाव कार्य नहीं हो रहा है. बांध पर बचाव कार्य के समान नहीं होने से कार्य बंद के कगार पर हैं एजेंसिया सुचारू रूप से कार्य नहीं कर रही है सुचारू रूप से कार्य नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जायेगा कटाव दिन प्रतिदिन बेकाबू होते जा रहा है.

posted by ashish jha

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें