वाइ-फाइ आपका, लाभ ले रहे पड़ोसी
गोपालगंज : अगर आप नया ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेने जा रहे हैं या फिर आपको शक है कि हर माह वाइ-फाइ का बिल ज्यादा आ रहा है, तो फिर सावधान हो जाएं. एक बार राउटर के सिक्युरिटी फीचर की जांच कर लीजिए और अगर इसकी जानकारी नहीं है, तो संबंधित मोबाइल कंपनी में इसकी शिकायत करें. […]
गोपालगंज : अगर आप नया ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेने जा रहे हैं या फिर आपको शक है कि हर माह वाइ-फाइ का बिल ज्यादा आ रहा है, तो फिर सावधान हो जाएं. एक बार राउटर के सिक्युरिटी फीचर की जांच कर लीजिए और अगर इसकी जानकारी नहीं है,
तो संबंधित मोबाइल कंपनी में इसकी शिकायत करें. इस प्रयास से आपका हर माह चोरी होनेवाला डाटा बच सकता है. मोबाइल कंपनियों के पास हर दिन ऐसी शिकायतें मिल रही हैं.
आइटी विशेषज्ञ राजीव त्रिपाठी का कहना है कि वाइ-फाइ से डाटा चोरी होने के कई कारण हैं, जिसमें सिक्युरिटी फीचर की जानकारी न होना, पासवर्ड कमजोर होना या फिर पासवर्ड का लीक हो जाना शामिल है
.उपभोक्ताओं की आपबीतीजनता सिनेमा रोड की शिल्पी सिंह ने बताया कि सात जनवरी, 2015 को बीएसएनएल का ब्रॉडबैंड कनेक्शन लिया था. फरवरी व मार्च में बिल एक हजार रुपये आया, लेकिन अप्रैल में बिल दो हजार रु पये हो गया.
इसकी शिकायत पर जब टीम ने जांच की, तो पता चला कि वाइ-फाइ का इस्तेमाल पड़ोसी भी कर रहे थे.- थावेरोड के राजीव सिंह ने 11 नवंबर, 2014 को एयरटेल का ब्रॉडबैंड लिया.
अप्रैल तक बिल 1500 रु ्रपये का आया, लेकिन मई में बिल 2800 रु ्रपये पहुंच गया. इसकी शिकायत की, जांच में वाइ-फाइ से डाटा चोरी होने की बात सामने आयी.यह हैं सिक्युरिटी फीचर- वाइ-फाइ का इस्तेमाल न करने पर उसे बंद कर दें.- राउटर पर सिक्युरिटी फीचर में नेट एनेबल का ऑप्शन को ऑन रखें और उस पर प्रमुख नंबरों को अंकित कर दें.
यूं जेनरेट करें पासवर्ड- पासवर्ड को खुद या फिर परिवार के किसी सदस्य के नाम से न बनाएं.- पासवर्ड में करेक्टर और अंक को जरूर शामिल करें.- पासवर्ड को हर सप्ताह बदल दें. इसे टेलीफोन के समीप बिल्कुल भी न लिखें.क्या कहते हैं अधिकारी- हर माह 30 से 40 केस ऐसे आ रहे हैं, जिन उपभोक्ताओं का डाटा चोरी हो रहा है. जांच में पता चलता है कि उपभोक्ता सिक्युरिटी फीचर का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. इसी के चलते डाटा चोरी हो रहा है.राजन कुमार,सहायक अभियंता,
बीएसएनएलआपके डाटा को भी खाता है एपनये एप भले ही किसी काम को आसान कर देते हों, लेकिन कई बार बिना ज्यादा जरूरत के यह एप परेशानी का सबब बन सकते हैं.
ऐसे एप आपके डाटा को खाते रहते हैं और इससे आपके मोबाइल की बैटरी भी कमजोर होती है. आइटी विशेषज्ञ राजीव त्रिपाठी का कहना है कि मोबाइल उपभोक्ता अक्सर कई ऐसे एप को डाउनलोड कर लेते हैं, जिनकी ज्यादा जरूरत नहीं होती है. इसलिए ऐसे एप से बचने का प्रयास करना चाहिए. साथ ही सेटिंग ऑप्शन की मदद से एप कितना डाटा खा रहे हैं, इसे चेक करते रहना चाहिए.
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