पानी का डिस्चार्ज घटा, गंडक की उफनती लहरें हुईं शांत

Updated at : 07 Sep 2018 5:53 AM (IST)
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पानी का डिस्चार्ज घटा, गंडक की उफनती लहरें हुईं शांत

गोपालगंज : नेपाल में बारिश थमने के बाद गंडक के जल स्तर में लगातार कमी जारी है. तीन दिनों में नदी के जल स्तर में 30 सेमी से अधिक की कमी आयी है. पानी घटने से तटवर्ती गांवों के लोगों को राहत मिली है. वहीं, डिस्चार्ज में कमी आने के बाद गंडक की उफनती लहरें […]

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गोपालगंज : नेपाल में बारिश थमने के बाद गंडक के जल स्तर में लगातार कमी जारी है. तीन दिनों में नदी के जल स्तर में 30 सेमी से अधिक की कमी आयी है. पानी घटने से तटवर्ती गांवों के लोगों को राहत मिली है. वहीं, डिस्चार्ज में कमी आने के बाद गंडक की उफनती लहरें शांत होने लगी हैं. इधर, वाल्मीकि नगर बराज से लगातार तीसरे दिन भी पानी के डिस्चार्ज में कमी आयी. गुरुवार को बराज से एक लाख 21 हजार 500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया.

एक तरफ नदी के जल स्तर में कमी आने और धारा के शांत होने से बाढ़ नियंत्रण विभाग भी राहत में है, लेकिन फाइटिंग वर्क अब भी जारी है. तटबंध किनारे अब भी अवरोधक बनाने के लिए बोल्डर, आयरन कैरेट, जियो बैग और परको पाइन डालकर काम कराया जा रहा है, ताकि बांध हर हाल में सुरक्षित रहे. बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं की टीम अब भी विश्वंभरपुर में कैंप कर रही है. कैंप करने वालों में बाढ़ नियंत्रण विभाग के वरीय अधीक्षण अभियंता अश्विनी कुमार और अशोक रंजन, कार्यपालक अभियंता नवल किशोर सिंह, कनीय अभियंता, दिनेश कुमार, राजेश कुमार, ज्ञान प्रकाश शामिल हैं.

डैमेज बांध की मरम्मत कराने में लगा विभाग : विश्वंभरपुर में फिलहाल गंडक की धारा शांत है. नदी का जल स्तर भी कम हुआ है और कटाव भी नहीं है. बाढ़ नियंत्रण विभाग बांध की सुरक्षा के लिए तीन बोल्डर बेडबार सहित कुल 38 बेडबार का निर्माण करा चुका है. इधर, विभाग गुरुवार से बांध की मरम्मत का काम शुरू कराया है. बता दें कि एक पखवारा पहले गंडक की कटावी धारा से विश्वंभरपुर से धूपसागर तक 500 मीटर में गाइड बांध कई जगह डैमेज हो गया था. नदी की धारा शांत होने के बाद विभाग जियो बैग और सैंड बैग से डैमेज बांध की मरम्मत का काम शुरू करा दिया है.
अब भी सता रहा कटाव का भय : बाढ़ का मौसम धीरे-धीरे खत्म हो रहा है. गंडक की धारा फिलहाल शांत है, लेकिन अभी कटाव का भय विभाग से लेकर ग्रामीणों तक को सता रहा है. जैसा कि गंडक का नेचर रहा है कि जब-जब नदी का जल स्तर घटा है, अधिकांश समय गंडक की धारा ने उग्र होकर कटाव किया है. एक दशक में दो-तीन दफा ऐसा भी हुआ है, जब गंडक कम पानी होते हुए भी कटाव कर सारण बांध को भेद चुकी है.
क्या कहता है विभाग
डिस्चार्ज भी कम है और नदी का जल स्तर भी काफी कम हुआ है. नदी से किसी भी तरह की खतरे की बात नहीं है. भविष्य में कोई खतरा न हो, इसके लिए डैमेज बांध का मरम्मत कार्य कराया जा रहा है.
नवल किशोर सिंह, कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण विभाग
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