Gaya OTA Passing Out Parade : ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में 29वीं पासिंग आउट परेड शनिवार को होना है. इससे पहले शुक्रवार की शाम भावी सैन्य नेतृत्व के परिवारों के सम्मान में गौरव पदक सम्मान समारोह किया गया. इस बार गया ओटीए से कुल 253 महिला-पुरुष कैडेट्स पास आउट होकर सैन्य अधिकारी हो रहे हैं.
इनमें शॉर्ट सर्विस कमीशन टेक्निकल एंट्री (पुरुष) 65वें कोर्स के कुल 218 अफसर कैडेटों व शॉर्ट सर्विस कमीशन टेक्निकल एंट्री (महिला) 36वें कोर्स की 35 अफसर कैडेटों को भारतीय सेना में अफसर के रूप में कमीशन प्रदान किया जायेगा.
विशिष्ट सैन्य अधिकारी समारोह में रहे उपस्थित
पासिंग आउट परेड से पूर्व आयोजित होने वाले समारोहों के एक प्रमुख आकर्षण के रूप में, प्रशिक्षण पूर्ण कर रहे अफसर कैडेटों के गौरवान्वित परिवारों के सम्मान में भव्य गौरव पदक सम्मान समारोह आयोजित किया गया.
इस मौके पर वियतनाम पीपुल्स आर्मी के जनरल स्टाफ के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ले वान हांग जो 29वीं पासिंग आउट परेड के समीक्षा अफसर मौजूद थे.
इस अवसर पर दक्षिणी कमान के जनरल अफसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर, (एवीएसएम, वीएसएम) व ओटीए गया के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल संदीप सिंह (अति विशिष्ट सेवा मेडल) सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों व वरिष्ठ अफसर उपस्थित थे.
देश सेवा के लिए माता-पिता हुए सम्मानित
यह आयोजन कैडेटों के परिवारों के अटूट सहयोग के प्रति हार्दिक सम्मान का प्रतीक था. भारतीय सशस्त्र सेनाओं के भावी नेतृत्व के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है. गौरवान्वित माता-पिता को अपने पुत्र व पुत्रियों को सैन्य सेवा के गौरवपूर्ण पेशे में भेजकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए गौरव पदक से सम्मानित किया गया.
अपने बच्चों को सेना में अफसर के रूप में सेवा करने के लिए भेजने वाले माता-पिता व परिवार राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. वे अदम्य साहस के साथ अपने बच्चों में अनुशासन, देशभक्ति व नि:स्वार्थ सेवा के मूल्यों का संचार करते हैं, जिससे वे स्वयं को मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित कर सकें.
उनके इस अमूल्य योगदान के सम्मान व अभिनंदन में एक भव्य रात्रि भोज का भी आयोजन किया गया. समारोह में सेना सिम्फनी बैंड द्वारा मनमोहक प्रस्तुति दी गयी, जिसमें सैन्य अनुशासन व संगीत की उत्कृष्टता का अद्भुत समन्वय देखने को मिला.
देशभक्ति की धुनों से लेकर वाद्यवृंद मार्च तक की सुमधुर प्रस्तुतियों में समूह ने लय पर उत्कृष्ट नियंत्रण, प्रभावशाली विविधता व वाद्ययंत्रों के सटीक समन्वय का प्रदर्शन किया. पीतल वाद्ययंत्रों, काष्ठ वाद्ययंत्रों और ताल वाद्ययंत्रों की समृद्ध स्वर-ध्वनि ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर उनमें गर्व व भावनाओं का संचार किया.
सैनिकों ने प्रस्तुत किए पारंपरिक युद्ध कौशल
भारतीय सेना के सैनिकों द्वारा प्रस्तुत मल्लखंभ प्रदर्शन में असाधारण शक्ति, फुर्ती, संतुलन व दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया गया. उनकी कुशलता, अनुशासन व समन्वय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इसमें कई कलाबाजियों का प्रदर्शन किया गया.
Also Read : गया जी के प्रेम राज ने रचा इतिहास, 7.58 मीटर छलांग लगाकर जीता गोल्ड, 2016 का मीट रिकॉर्ड भी तोड़ा
कैडेटों के माता-पिता व परिवारजन कलरीपयट्टू की प्रस्तुति से अत्यंत प्रभावित हुए, जिसमें युद्ध कौशल, गति, अनुशासन व पारंपरिक कला का प्रभावशाली संगम देखने को मिला. रोमांचकारी गतका प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध एवं प्रेरित किया. साहस, सटीकता व युद्ध कौशल के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने दर्शकों की भरपूर तालियां और प्रशंसा अर्जित की.
253 कैडेट्स सेना में होंगे शामिल
ओटीए से शनिवार को 253 कैडेट्स पास आउट हो रहे हैं. इनमें शॉर्ट सर्विस कमीशन टेक्निकल (पुरुष व महिला) शामिल होंगे.
शॉर्ट सर्विस कमीशन टेक्निकल एंट्री (पुरुष) 65वें कोर्स के कुल 218 अफसर कैडेटों तथा शॉर्ट सर्विस कमीशन टेक्निकल एंट्री (महिला) 36वें कोर्स की 35 अफसर कैडेटों को भारतीय सेना में अफसर के रूप में कमीशन प्रदान किया जायेगा, जो अकादमी की गौरवशाली विरासत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी.
