बिहार में प्राइवेट अस्पताल छिपा रहे डेंगू का डाटा, सरकारी अस्पतालों में 118 केस, निजी में एक भी नहीं

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Nov 2021 4:37 PM

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शहर में तेजी से डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. राजधानी के पीएमसीएच, एनएमसीएच के साथ-साथ प्राइवेट अस्पतालों में मरीज इलाज को पहुंच रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सरकारी अस्पतालों में अब तक 118 मरीज डेंगू के मिल चुके हैं.

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आनंद तिवारी, पटना. शहर में तेजी से डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. राजधानी के पीएमसीएच, एनएमसीएच के साथ-साथ प्राइवेट अस्पतालों में मरीज इलाज को पहुंच रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सरकारी अस्पतालों में अब तक 118 मरीज डेंगू के मिल चुके हैं. जबकि शहर के प्राइवेट अस्पतालों के रिकॉर्ड में आज तक डेंगू का कोई मरीज नहीं है. ऐसे में प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू के इलाज के मामले में सवाल खड़ा हो गया है. खास कर पिछले एक सप्ताह में डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है.

प्राइवेट अस्पतालों को दिया गया था निर्देश

डेंगू का सीजन आने के दौरान ही स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों व पैथोलॉजी सेंटरों को निर्देश दिया था कि जिन मरीजों में डेंगू की पॉजिटिव रिपोर्ट आती है, उनकी क्रॉस चेकिंग सरकारी पैथोलॉजी से कराते हुए स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी जाये. लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है. निजी अस्पताल डेंगू से जुड़ी जानकारी छिपा रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से जिले के सभी बड़े व चिह्नित प्राइवेट अस्पतालों को निर्देश भी जारी किया जा चुका है.

डेंगू वार्ड में भर्ती मरीजों ने खोली पोल

शहर के पीएमसीएच व एनएमसीएच के साथ-साथ अनुमंडलीय व बड़े पीएचसी में अलग से डेंगू वार्ड बनाया गया है. पीएमसीएच के डेंगू वार्ड में वर्तमान में छह मरीज भर्ती हैं. जबकि इतने ही मरीज स्वस्थ होकर लौट चुके हैं. वहीं पटना के निजी अस्पतालों में डेंगू के मामले आ रहे हैं, इसका खुलासा वार्ड में भर्ती कुछ मरीजों से हुआ है जो प्राइवेट अस्पताल की रिपोर्ट के बाद पीएमसीएच आदि सरकारी अस्पताल पहुंच गये. महंगे इलाज की वजह से परेशान होकर वह सरकारी अस्पताल पहुंचे. जबकि पीएमसीएच में उनका नि:शुल्क इलाज चल रहा है.

प्राइवेट अस्पतालों में लूट का खेल

डेंगू मरीजों के इलाज के नाम पर लूट का खेल होता है. इलाज के दौरान एक मरीज को 8 से 9 थैली वाली प्लेटलेट्स चढ़ायी जा रही है. भर्ती के नाम पर भी अस्पतालों का अलग-अलग रेट है. वहीं सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी का कहना है कि जिले के सभी निजी अस्पतालों व पैथोलॉजी सेंटरों को डेंगू की रिपोर्ट रोजाना देनी है. पॉजिटिव आने के बाद क्रॉस चेक के लिए आरएमआरआइ, कुर्जी या फिर पीएमसीएच को नमूना भेजने का निर्देश है.

Posted by Ashish Jha

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