Darbhanga News: दरभंगा. माघी सप्तमी पर रविवार को श्रद्धालुओं ने प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना की. श्रद्धालुओं ने परंपरा के अनुसार नमक नहीं ग्रहण किया. बिना नमक का अरवा भोजन ग्रहण किया. बता दें कि इसे अचला सप्तमी भी कहा जाता है. इस अवसर पर दिग्घी तालाब के पश्चिम मिश्र टोला स्थित काली मंदिर परिसर में स्थापित प्राचीन सूर्य मंदिर में सूर्य पूजन श्रद्धा के वातावरण में किया गया. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की. उल्लेखनीय है कि अचला सप्तमी के दिन सूर्य पूजन का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन परंपरागत तरीके से सूर्य की विशेष उपासना की जाती है. पूजन के दौरान हवन, विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन एवं सामूहिक भोज का आयोजन किया गया. श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. आयोजक पं. रंगनाथ मिश्र ने बताया कि सूर्य मंदिर की स्थापना स्व. वैद्य श्रीधर मिश्र ने की थी. पं. राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने पूजन में मुख्य भूमिका निभायी.
हायाघाट प्रतिनिधि
के अनुसार, अचला सप्तमी पर्व रविवार को प्रखंड क्षेत्र में विधिपूर्वक पूजा की गयी. पिछले दो दिनों से लोग इसकी तैयारी में जुटे थे. अधिकांश घरों में कुलदेवी का मौड़ व अंचरी बदला गया. खीर, पुरी, फल-फूल और मिष्ठान्न अर्पित किया गया. पं. राकेश झा ने बताया कि अचला सप्तमी के दिन बिना नमक का भोजन करने का विशेष महत्व है. इस वर्ष यह तिथि रविवार को है, इसलिए इसका महत्व और बढ़ गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
