Darbhanga News: दरभंगा. लनामिवि में रविवार को सिंडिकेट की बैठक कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई. इसमें वित्तीय 2026-2027 के बजट की अंतिम समीक्षा की गई, ताकि 28 जनवरी को निर्धारित सीनेट की बैठक में इसे प्रस्तुत किया जा सके. सदस्यों ने बजट में सभी पेंशनधारकों के नाम सहित राशि को रेखांकित करने का सुझाव दिया. नयी शिक्षा नीति-2020 के आलोक में वर्ष 2032 तक अनुदानित विश्वविद्यालय बनाने की दिशा में की गयी पहल का स्वागत किया. आर्टिफिसिएल इंटेलिजेंस और फॉर्सेनिक साइंस में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, यूजी और पीजी कोर्सेज लागू करने को लेकर सिंडिकेट सदस्य सुजीत कुमार के समन्वय में उच्च अधिकारियों के सहयोग से क्रियान्वित करने का निर्णय लिया गया. इस पाठ्यक्रम के अंतर्गत चार लैब खोले जाएंगे. इसका उद्देश्य लनामिवि को अनुदानित विश्वविद्यालय बनाना है. इसके अंतर्गत बिहार राज्य की पुलिस सेवा में चयनित अभ्यर्थी अथवा अन्य संस्थानों के जिज्ञासु फॉर्सेनिक विज्ञान और एआइ में प्रशिक्षित हो सकेंगे. बैठक में मीना झा के प्रस्ताव के आलोक में पीजी इतिहास विभाग के म्यूजियम का जीर्णोद्धार करने की सहमति बनी. इसका जीर्णोद्धार अभियांत्रिकी शाखा, आइटी सेल एवं भूसंपदा विभाग के सहयोग से होगा. कुलपति ने कहा कि म्यूजियम सिर्फ विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए खुलेगा. इसका उपयोग स्टूडेंट प्रोजेक्ट, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस के लिए किया जाएगा. पीजी इतिहास के विभागाध्यक्ष इस म्यूजियम के कन्वीनर होंगे. बैठक में डॉ बैद्यनाथ चौधरी, प्रो. दिलीप कुमार चौधरी, प्रो. अशोक मेहता, प्रो. विजय कुमार यादव, प्रो. हरि नारायण सिंह, वित्तीय परामर्शी इंद्र कुमार, डॉ धनेश्वर प्रसाद, विधायक सुजीत कुमार, डॉ अमर कुमार, डॉ अनिल कुमार चौधरी, डॉ वीरेंद्र कुमार चौधरी, डॉ गुलाम सरवर व कुलसचिव डॉ दिव्या रानी हंसदा मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
