डेढ़ दशक से झोपड़ी में किस्मत बांच रहे प्रावि मल्लाह टोल बेंक के बच्चे

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प्राथमिक विद्यालय मल्लाह टोल बेंक की स्थिति काफी खराब है

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बिरौल. प्राथमिक विद्यालय मल्लाह टोल बेंक की स्थिति काफी खराब है. वर्ष 2006 में स्थापित इस विद्यालय में न तो भवन है, न शौचालय, न बिजली और न ही बैठने की पर्याप्त व्यवस्था यह स्कूल पोखर के किनारे स्थित है. इससे हादसे का डर बना रहता है. नामांकित 152 बच्चे झोपड़ीनुमा इस विद्यालय में मिट्टी पर बोरा बिछाकर पढ़ाई करते हैं. बारिश के समय मिट्टी पर बैठना इन बच्चों के लिए मुश्किल हो जाता है. वहीं, झोपड़ी में ही मध्याह्न भोजन बनाकर दिया जाता है. शौचालय के अभाव में बच्चे व शिक्षक खुले में शौच के लिए मजबूर हैं. आंधी, बारिश में भी जैसे-तैसे स्कूल का संचालन होता है. पांच साल पहले भवन-निर्माण स्वीकृत हुआ था, लेकिन आज तक राशि उपलब्ध नहीं हो सकी. विद्यालय के एचएम अब्दुल हन्नान अंसारी ने बताया कि पोखर के किनारे स्कूल होने के कारण बच्चों की सुरक्षा के लिए हमेशा चौकन्ना रहना पड़ता है. चौथी वर्ग की छात्रा मनतसा परवीन व पांचवी के छात्र प्रिंस कुमार ने बताया कि शौचालय व बिजली की कमी के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. बीपीएससी से चयनित शिक्षिका रूबी यादव ने बताया कि शौचालय की समस्या सबसे बड़ी है. इस संबंध में बीइओ कृष्ण कुमार ने बताया कि इस वर्ष फिर से विभाग को लिखा जायेगा. भवन निर्माण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी.

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