रैयती भूमि के पेच में फंसा निर्माण

Updated at : 03 Jun 2016 6:27 AM (IST)
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रैयती भूमि के पेच में फंसा निर्माण

टूटी उम्मीद. हर घर शौचालय योजना के उद्देश्य पर लग सकता है ग्रहण सरकार की घर-घर शौचालय योजना के उद्देश्य पर मोतिहारी नप क्षेत्र में पूरा होने की उम्मीद टूटने लगी है. राज की जमीन एवं सरकारी भूमि पर शौचालय निर्माण को लगी रोक के कारण मोतिहारी में स्वच्छ भारत मिशन की इस योजना की […]

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टूटी उम्मीद. हर घर शौचालय योजना के उद्देश्य पर लग सकता है ग्रहण

सरकार की घर-घर शौचालय योजना के उद्देश्य पर मोतिहारी नप क्षेत्र में पूरा होने की उम्मीद टूटने लगी है. राज की जमीन एवं सरकारी भूमि पर शौचालय निर्माण को लगी रोक के कारण मोतिहारी में स्वच्छ भारत मिशन की इस योजना की गति धीमी पड़ गयी है. रैयती भूमि के पेच में सैकड़ों शौचालय विहीन परिवार को इस योजना के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है.
मोतिहारी : शहर के घर-घर शौचालय की योजना मोतिहारी नगर परिषद में सपना जैसा है. ऑरबन ऐरिया को शौचालय से अच्छादीत करने की उम्मीद यहां टूटती नजर आ रही है. रैयती भूमि के पेच में सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर शौचालय का उद्देश्य पूरा होने पर संशय की स्थिति है. कारण कि मोतिहारी शहर का अधिकांश रिहाइसी बंसावट बेतिया राज एवं गैर मजरुआ भूमि पर है.
न्यायालय से बेतिया राज की खाता 1 से 20 तक की भूमि के खरीद-बिक्री एवं अन्य सरकारी योजनाओं के निर्माण पर लगायी गयी रोक को लेकर प्रशासन शौचालय आदि निर्माण की स्वीकृति नहीं दे रहा. शौचालय को लेकर सरकारी भूमि वाले जगहों पर निर्माण की स्वीकृति पर भी रोक लगी है. सरकार के इस निर्णय के आलोक में शौचालय निर्माण को प्राप्त दर्जनों आवेदन भी रद्द किये गये हैं. अब सवाल यह है कि जब सरकारी गैरमजरूआ एवं बेतिया राज की भूमि पर शौचालय निर्माण को स्वीकृति नहीं मिलेगी. तो शहर का अधिकांश गरीब इस योजना के लाभ से वंचित रह जायेंगे.
यहां है राज की जमीन : शहर के भवानीपुर जिरात, बेलिसराय, बेलबनवा, जानपुल चौक, हवाई अड्डा चौक, फूरसतपुर, बैरिया, बनकट, तुरकौलिया के रघुनाथपुर आदि जगहों पर हजारों एकड़ बेतिया राज की भूमि है. नप क्षेत्र स्थित मोहल्लों में राज की सैकड़ों एकड़ भूमि का रिहाइसी तौर पर उपयोग हो रहा है.
सैकड़ों को नहीं मिला स्वीकृति : पिछले वित्तीय वर्ष में लक्ष्य के मुताबिक नप को शौचालय निर्माण के लिए विभिन्न वार्ड से करीब 1200 आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन जांचोपरांत महज 55 लोगों को ही शौचालय निर्माण का कार्यादेश मिला. शेष आवेदन में आवश्यक कागजात की संलग्नता नहीं होने को लेकर पेंडिंग में डाल दिया गया.
खाता एक से 20 तक की जमीन पर है रोक, कई मोहल्लों में है राज की भूमि
बैठक में उठा था मामला
शौचालय योजना की अनुशंसा को लेकर नप बोर्ड की बैठक में भी पार्षदों ने सवाल उठाये थे. जिसपर ईओ द्वारा योजना को लेकर सरकार से प्राप्त मार्गदर्शन की चर्चा करते हुए बताया गया कि शौचालय निर्माण की स्वीकृति रैयती भूमि वाले आवेदन को ही दिया जायेगा. वहीं, भूमि का प्रकार सरकारी गैरमजरूआ होने पर आवेदक को बंदोबस्ती से संबंधित कागजात संलग्न करना होगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
शौचालय निर्माण की स्वीकृति रैयती या सरकारी बंदोबस्त भूमि वाले आवेदक को ही दिया जायेगा. चालू वर्ष आवेदन की जांच करते हुए एक सौ लोगों को कार्यादेश दिया गया है. निर्माण से संबंधित जिओटैंग फोटोग्राफी के बाद राशि दिया जायेगा.
कुमार मंगलम, इओ, नप मोतिहारी
योजना में क्या है नियम
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए रैयती भूमि वाले आवेदक का चयन करना है. वहीं, निर्माण को लेकर चयनित आवेदक को प्रशासन द्वारा कार्यादेश जारी किया जायेगा. जेइ के देखरेख में शौचालय निर्माण के लिए आवेदक मिट्टी कटिंग करेंगे, जिसकी जिओ टैंग फोटोग्राफी के बाद शौचालय निर्माण की प्रथम किस्त सात हजार 500 रुपये दिये जायेंगे. वही दूसरी किस्त में चार हजार पांच सौ रुपये का भुगतान होगा. राशि आवेदक के बैंक खाता में आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किया जायेगा.
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