रेत के खेल में खून से लाल हुआ दियारा

Updated at : 04 Apr 2017 4:00 AM (IST)
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रेत के खेल में खून से लाल हुआ दियारा

गंगा में उजला तो कर्मनाशा और ठोरा की लाल रेत का चलता है अवैध खेल बक्सर : ब्रह्मपुर के बसवर गांव में तीन हत्याओं का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं पड़ा था कि बालू के अवैध कारोबार के खेल में सोमवार को दिनदहाड़े नैनीजोर में मुखिया के भतीजे की गोली मारकर हत्या कर […]

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गंगा में उजला तो कर्मनाशा और ठोरा की लाल रेत का चलता है अवैध खेल

बक्सर : ब्रह्मपुर के बसवर गांव में तीन हत्याओं का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं पड़ा था कि बालू के अवैध कारोबार के खेल में सोमवार को दिनदहाड़े नैनीजोर में मुखिया के भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. बीते दो माह में तीन वारदात हुईं, जिसमें पांच लोगों की जानें चली गयीं. बालू घाट पर वर्चस्व को लेकर आये दिन बंदूकें गरजती रहती हैं. नैनीजोर की घटना भी बालू के ठेकेदारी से जुड़ा हुआ है. पूर्व से ही मृतक श्री प्रकाश तिवारी और नीतीश तिवारी के परिजनों के बीच बालू घाट को लेकर विवाद चला आ रहा था. रविवार को बालू घाट के कमीशन को लेकर दोनों में विवाद भी हुआ था.
विवाद इस कदर गहराया कि नीतीश तिवारी ने अपने समर्थकों के साथ पोला तिवारी उर्फ श्री प्रकाश तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी. इस हत्या के बाद जहां ग्रामीण दहशत में हैं. वहीं, दोनों पक्षों में तनाव व्याप्त है.
तनाव को देखते हुए दो थानों की पुलिस कैंप की है.
दियारा इलाके में खूनी संघर्ष की बढ़ी आशंका : इस हत्या के बाद दियारा इलाके में खूनी संघर्ष बढ़ने की आशंका है. ऐसे ही वर्चस्व को लेकर आये दिन बंदूकें गरजती रहती हैं. बालू के इस खेल में लगभग दर्जन भर लोगों की जान चली गयीं हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस की भी भूमिका इसमें बेहतर नहीं रहती है. हथियार और वर्चस्व के बल पर यह खेल निरंतर चलते रहता है. इस घटना के बाद से एक बार फिर दियारा इलाके में खूनी संघर्ष होने की संभावना प्रबल होती नजर आ रही है.
सफेदपोश से लेकर छुटभैया तक धंधे में हैं शामिल : इस सुनहले रेत के धंधे में सफेदपोश से लेकर छुटभैया तक शामिल हैं. गंगा में उजले रेत तथा कर्मनाशा और ठोरा के लाल रेत पर अवैध रूप से वर्चस्व के बल पर खनन किया जाता है, जिससे आये दिन गोलीबारी की घटनाएं घटित होते रहती हैं. 20 जून 2016 को ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के गाय घाट निवासी रघुनी बिंद के पुत्र अर्जुन बिंद की भी हत्या बालू माफियाओं द्वारा कर दी गयी थी. जबकि पांच साल पहले नावानगर के ठोरा में नदी से बालू निकालने के दौरान दो पक्षों में जम कर फायरिंग हुई थी, जिसमें ट्रैक्टरचालक की मौत हो गयी थी.
प्रतिदिन हजारों टन बालू का होता है उठाव : इस इलाके से प्रतिदिन हजारों टन बालू का उठाव होता है. अब तो यहां पर बालू माफियाओं द्वारा पोकलेन मशीनें रखी गयीं हैं, जो कम समय में ही ज्यादा बालू निकाल देती हैं. ये मशीनें बालू माफियाओं के लिए खनन की ताकत बन गयीं हैं. इस समय आठ साइटों पर कम-से-कम 20 पोकलेन मशीनें चल रही हैं,
जिनके जरिए औसतन 800 से 1000 ट्रक बालू निकाल कर बाहर भेजा जा रहा है. एक ट्रक बालू लादने में 16 से लेकर 30 मजदूर तक लगते थे, जो टोकरियों से बालू लादते थे. पोकलेन मशीन पर सिर्फ एक ड्राइवर होता है, जो तीन फेरों में ट्रक लोड कर देता है, जिसमें सिर्फ दस मिनट का समय लगता है.
बालू घाट पर वर्चस्व को लेकर आये दिन गरजती हैं बंदूकें
हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर टीम गठित
श्री प्रकाश तिवारी उर्फ पोला तिवारी की हत्या में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर टीम का गठन किया गया है. हत्या के बाद घटनास्थल पर पहुंचे डुमरांव डीएसपी ने हत्यारों को जल्द-से-जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है. वहीं घटना के बाद से ही गांव में दहशत का माहौल है. आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि जब पुलिस मौके वारदात पर पहुंची, तो कोई भी ग्रामीण कुछ बताने से इनकार कर रहे थे.
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