आंचलिक उपन्यास के जन्मदाता थे शिवपूजन सहाय

Updated at : 10 Aug 2017 5:39 AM (IST)
विज्ञापन
आंचलिक उपन्यास के जन्मदाता थे शिवपूजन सहाय

इटाढ़ी : आचार्य शिव पूजन सहाय की पैतृक गांव उनवांस में बुधवार को एसपीएस स्कूल के तत्वावधान में हर्षोल्लास के साथ ग्रामीण कुशल के चितेरे व आंचलिक उपन्यास के जन्मदाता आचार्य शिव पूजन सहाय की जयंती मनायी गयी. मौके पर स्थानीय पंचायत के मुखिया अशोक साह और स्कूल के प्रबंधक डॉ वैरागी चतुर्वेदी ने प्रतिमा […]

विज्ञापन

इटाढ़ी : आचार्य शिव पूजन सहाय की पैतृक गांव उनवांस में बुधवार को एसपीएस स्कूल के तत्वावधान में हर्षोल्लास के साथ ग्रामीण कुशल के चितेरे व आंचलिक उपन्यास के जन्मदाता आचार्य शिव पूजन सहाय की जयंती मनायी गयी. मौके पर स्थानीय पंचायत के मुखिया अशोक साह और स्कूल के प्रबंधक डॉ वैरागी चतुर्वेदी ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया. इसके उपरांत सहाय जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आचार्य सहाय ग्रामीण जीवन की अभिव्यक्ति के कुशल चितेरे हैं.

आचार्य ने संपूर्ण विश्व में हिंदी साहित्य के गौरव को बढ़ाया. इनकी ओर से सृजित रचनाओं में बिहार की संस्कृति झलकती है. वहीं, पंचायत के मुखिया अशोक साह ने कहा कि बिहार राष्ट्रभाषा परिषद के संस्थापक स्व. सहाय बिहार राज्य के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभायी थी. इनकी लिखी हुई पुस्तकें आज भी विद्यालयों में पढ़ाई जाती हैं. मौके पर विद्यालय के प्राचार्य पंकज पांडेय ने परेड एकेडमी के साथ आचार्य की प्रतिमा के समक्ष सलामी देते हुए उद्गार व्यक्त किया. वहीं, उपस्थित ग्रामीणों ने आचार्य के लेखन परंपरा और स्मृतियों को संजोये रखने का संकल्प लिया. मौके पर प्रदीप चौबे, अरविंद कुमार, दीपक ओझा, प्रमोद ओझा, ममता पांडेय आदि उपस्थित थे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन