बेतिया से रवि रंक की रिपोर्ट
बिहार की स्कूली शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल की है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने मंगलवार को जारी निर्देश में सभी सरकारी शिक्षक-शिक्षिकाओं को विभाग के विभिन्न व्हाट्सएप चैनलों से अनिवार्य रूप से जुड़ने को कहा है. इसके माध्यम से शिक्षक विद्यार्थियों के मार्गदर्शक और परामर्शदाता की भूमिका निभाएंगे तथा गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन को बढ़ावा देंगे.
निर्देश के अनुसार प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षक अपने-अपने वर्ग के विद्यार्थियों के लिए मेंटर की भूमिका निभाएंगे. शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और कौशल का उपयोग करते हुए बच्चों के शैक्षणिक विकास में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे.
चार स्तरों के लिए बनाए गए अलग-अलग चैनल
शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए राज्य स्तर पर चार अलग-अलग व्हाट्सएप चैनल बनाए हैं. इनमें फाउंडेशनल स्टेज (कक्षा 1-2), प्रिपरेटरी स्टेज (कक्षा 3-5), मिडिल स्टेज (कक्षा 6-8) और कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर के लिए अलग-अलग चैनल शामिल हैं. इनसे संबंधित जिला एवं प्रखंड स्तरीय शिक्षा पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक, शिक्षक, नोडल व्याख्याता और कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर से जुड़े सभी पदाधिकारियों को क्यूआर कोड या लिंक के माध्यम से जोड़ने का निर्देश दिया गया है.
प्रशिक्षण सामग्री और दिशा-निर्देश होंगे साझा
निदेशक ने कहा है कि इन व्हाट्सएप चैनलों के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियों, मेंटरिंग कार्यक्रमों, प्रशिक्षण सामग्री और विभागीय दिशा-निर्देशों का त्वरित आदान-प्रदान किया जाएगा. इससे शिक्षकों को समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध होगी और बच्चों के लर्निंग आउटकम में गुणात्मक सुधार लाने में मदद मिलेगी.
सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को संबंधित सभी कर्मियों की शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने तथा कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित समीक्षा का निर्देश दिया गया है.
