Valmiki Tiger Reserve: अगर आप वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में जंगल सफारी का रोमांच लेने की योजना बना रहे हैं, तो आपके पास सिर्फ कुछ दिन का समय बचा है. मानसून के आगमन के साथ 29 जून के बाद वीटीआर को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाएगा. 30 सितंबर तक जंगल सफारी और अन्य इको-टूरिज्म गतिविधियों पर रोक रहेगी.
वन विभाग के अनुसार मानसून के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक आवास को निर्बाध बनाए रखने के लिए हर साल यह निर्णय लिया जाता है.
मानसून में वन्यजीव रहते हैं अधिक सक्रिय
बारिश के मौसम में बाघ, तेंदुआ, हिरण, भालू समेत अन्य वन्यजीव अपने प्राकृतिक वातावरण में अधिक सक्रिय रहते हैं. इस दौरान जंगल में मानव हस्तक्षेप कम रखने के उद्देश्य से सफारी संचालन बंद कर दिया जाता है.
वन अधिकारियों का कहना है कि यह अवधि वन्यजीव संरक्षण के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है.
यह भी पढ़ें: पश्चिम चंपारण में भीषण गर्मी का असर, स्कूलों के संचालन को लेकर प्रशासन का बड़ा फैसला
पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पिछले कुछ वर्षों के दौरान पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है.
वर्ष 2023-24 में कुल 3,22,471 पर्यटक वीटीआर पहुंचे थे. यह आंकड़ा 2024-25 में बढ़कर 4,80,680 हो गया. वहीं 2025-26 में रिकॉर्ड 6,09,159 पर्यटकों ने वीटीआर का भ्रमण किया.
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल और मई के केवल दो महीनों में ही 69,618 पर्यटक यहां पहुंच चुके हैं.
बाघों की संख्या भी लगातार बढ़ी
वीटीआर में बाघों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. वर्ष 2021-22 में जहां 54 बाघ दर्ज किए गए थे, वहीं 2025-26 तक यह संख्या बढ़कर 80 हो गई.
23 जून 2026 तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वीटीआर में 84 बाघों की मौजूदगी दर्ज की गई है. इसे वन्यजीव संरक्षण और बेहतर प्रबंधन का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है.
अक्टूबर में फिर खुलेंगे जंगल के दरवाजे
मानसून समाप्त होने के बाद अक्टूबर महीने में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व को दोबारा पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा.
इसके बाद पर्यटक फिर से जंगल सफारी, वन्यजीव दर्शन और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे. फिलहाल मानसून के दौरान जंगल पूरी तरह प्रकृति और वन्यजीवों के हवाले रहेगा.
VTR की प्रमुख उपलब्धियां
- 29 जून से 30 सितंबर तक बंद रहेगी जंगल सफारी
- 2025-26 में रिकॉर्ड 6.09 लाख पर्यटक पहुंचे
- अप्रैल-मई 2026 में ही 69,618 पर्यटकों का आगमन
- 2021-22 में 54 से बढ़कर 2026 में 84 हुई बाघों की संख्या
- पर्यटक आगमन और वन्यजीव संरक्षण दोनों क्षेत्रों में नया रिकॉर्ड
