बाजार में फैलने लगी तिलकुट की सोंधी महक

Published at :03 Jan 2018 4:00 AM (IST)
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बाजार में फैलने लगी तिलकुट की सोंधी महक

तैयारी l मधुमेह रोगियों के लिए शूगर फ्री तिलकुट भी बाजार में उपलब्ध बांका : 2017 अलविदा करने के बाद अब लोग नये साल का जश्न के साथ 14 जनवरी को होने वाली मकर संक्रांति त्योहार के तैयारी में अभी से ही जुट गये है. इस वर्ष मकर संक्रांति 14 जनवरी यानी रविवार के दिन […]

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तैयारी l मधुमेह रोगियों के लिए शूगर फ्री तिलकुट भी बाजार में उपलब्ध

बांका : 2017 अलविदा करने के बाद अब लोग नये साल का जश्न के साथ 14 जनवरी को होने वाली मकर संक्रांति त्योहार के तैयारी में अभी से ही जुट गये है. इस वर्ष मकर संक्रांति 14 जनवरी यानी रविवार के दिन मनायी जायेगी. मान्यता के अनुसार इस दिन सूर्य का मकर में प्रवेश होने से ही सारे शुभ काम शुरू हो जाते हैं. जैसे बच्चों के मुंडन, शादी विवाह सहित अन्य शुभ कार्य की शुरुआत हो जाती है. पौष पूर्णिमा के बाद दूसरा बड़ा स्नान पर्व मकर संक्रांति का माना जाता है. उधर इस त्योहार को लेकर जिलेभर के सभी बाजारों में अभी से ही विशेष चहल-पहल देखी जा रही है. विशेष रूप से इस त्योहार में तिल के बने सामान, चूड़ा, मीठा, दूध और दही की मांग रहती है.
इसको लेकर बाजारों में तिलकुट की सोंधी खुशबू फैलने लगी है. मधुमेह रोगियों के लिए शूगर फ्री तिलकुट भी बाजार में उपलब्ध है. हालांकि इस बार तिलकुट बाजार में महंगाई की मार पड़ी है. चौक-चौराहों पर मौसमी कारोबारियों ने तिलकुट व तिल से बने सामान की दुकानें सजा ली है. बाजारों में विभिन्न प्रकार के चूड़ा और मीठा उतारा गया है. मकर संक्रांति और इन सामग्रियों के सेवन करने की परम्परा अनादि काल से चली आ रही है. इस दिन विभिन्न नदी तटों पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ लगती है. जहां पवित्र स्नान कर के बाद श्रद्धालु सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करते हैं. तत्पश्चात यथा संभव दान-पुण्य करते हैं. इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है. इसमें खिचड़ी, वस्त्र व तिल का दान किया जाता है. इसके साथ ही तिल का सेवन करने का विधान है.
मकर संक्रांति
का महत्व
मान्यता है कि संक्रांति के दिन भगवान भास्कर (सूर्य) अपने पुत्र शनिदेव से मिलने स्वयं उनके घर जाते हैं. चूंकि शनिदेव मकर राशि के स्वामी है. इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है. इस दिन सूर्य के उत्तरायण होते ही एक माह से मांगलिक कार्यों पर लगा प्रतिबंध भी खत्म हो जाता है. मकर संक्रांति से सभी मांगलिक कार्यों की धूम शुरू हो जाती है और शहनाइयों की गूंज भी शुरू हो जाती है.
बांका ब्रांड तिलकुट से सजने लगा बाजार
इस बार जिले भर के विभिन्न मार्केट व चौक-चौराहे आदि पर बांका में तैयार हुए तिलकुट नजर आयेगी. जहां मंदार ब्रांड, बांका ब्रांड, मां काली ब्रांड आदि नाम के तिलकुट से भरा डब्बा लोगों को मिलेगी. साथ ही मधुमेह रोगियों के लिए शूगर फ्री तिलकुट भी बाजार में उपलब्ध है. जो 50 से 400 रुपये पॉकेट की दर से विभिन्न मार्केटों में लोगों को मिलेगी. वहीं शहर के शिवाजी चौक स्थित तिलकुट के थोक एवं खुदरा विक्रेता ने बताया कि इसके पूर्व बाजार में भागलपुर, गया, कोलकाता सहित दूसरे जिला में तैयार हुआ तिलकुट लोगों को मिलता था. अब जिलेभर के अधिकांश दुकानों पर बांका में तैयार हुए तिलकुट मिलने लगी है.
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