Praful Hinge IPL Debut: प्रफुल्ल हिंगे ने अपने आईपीएल डेब्यू में ही तहलका मचा दिया है. उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपने पहले दो ओवर में 4 विकेट लेकर सबको हैरान कर दिया. लेकिन उनका यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था. ढाई साल पहले एक गंभीर चोट के कारण उनका क्रिकेट करियर खत्म होने की कगार पर था. ऐसे समय में ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा ने उनका हाथ थामा और उन्हें वापस क्रिकेट के मैदान पर खड़ा किया. इस शानदार वापसी में सिर्फ प्रतिभा नहीं बल्कि एक भरोसे की कहानी भी शामिल है.
डेब्यू मैच में ही बरपाया कहर
प्रफुल्ल ने अपने पहले आईपीएल मैच में कमाल की गेंदबाजी की. उन्होंने अपने पहले ही ओवर में वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल और लुआन-ड्रे प्रिटोरियस को आउट कर दिया. इसके बाद अपने दूसरे ओवर में उन्होंने राजस्थान के कप्तान रियान पराग को भी पवेलियन भेज दिया. अपने पहले स्पेल में उन्होंने 2 ओवर में सिर्फ 6 रन देकर 4 विकेट लिए. इस मैच में उन्होंने 34 रन देकर कुल 4 विकेट अपने नाम किए. इस शानदार प्रदर्शन से उन्होंने अपनी टीम को 57 रन की बड़ी जीत दिलाई.
जब चोट ने रोक दी थी रफ्तार
करीब ढाई साल पहले प्रफुल्ल को कमर में स्ट्रेस फ्रैक्चर हो गया था. यह चोट इतनी गंभीर थी कि सबको लगने लगा था कि अब उनका क्रिकेट करियर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा. नागपुर के रहने वाले प्रफुल्ल और उनके परिवार के लिए यह बहुत मुश्किल समय था. उनके पिता प्रकाश हिंगे भी एक समय मान चुके थे कि शायद अब उनका बेटा दोबारा क्रिकेट के मैदान पर नहीं उतर पाएगा.
ग्लेन मैक्ग्रा बने करियर के तारणहार
इस मुश्किल समय में MRF पेस फाउंडेशन के कोचिंग डायरेक्टर ग्लेन मैक्ग्रा प्रफुल्ल के लिए सबसे बड़ा सहारा बने. मैक्ग्रा प्रफुल्ल की सटीक लाइन और लेंथ से काफी प्रभावित थे. चोट से उबरने के बाद मैक्ग्रा प्रफुल्ल को ट्रेनिंग के लिए ऑस्ट्रेलिया ले गए. वहां ब्रिस्बेन में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के नेशनल क्रिकेट सेंटर में प्रफुल्ल ने तीन हफ्ते तक कड़ा अभ्यास किया. इस पूरी ट्रेनिंग का खर्च MRF पेस फाउंडेशन ने उठाया. मैक्ग्रा ने प्रफुल्ल को बड़े मैचों के दबाव से निपटना सिखाया.
वरुण एरोन ने भी बदली तकनीक
मैक्ग्रा के साथ-साथ भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वरुण एरोन ने भी प्रफुल्ल की बहुत मदद की. वरुण ने खुद अपने करियर में काफी चोटें देखी हैं. उन्होंने प्रफुल्ल के रन-अप और गेंदबाजी एक्शन में कुछ जरूरी तकनीकी बदलाव किए जिससे उनकी कमर पर कम दबाव पड़े. अंडर-16 में प्रफुल्ल के कप्तान रहे हर्ष दुबे भी आज उसी फ्रेंचाइजी में खेल रहे हैं. आज वरुण हैदराबाद के गेंदबाजी कोच हैं और डगआउट में बैठकर उन्होंने भी प्रफुल्ल की इस सफलता का जश्न मनाया.
पिता को टीवी देखकर मिली खबर
हैरानी की बात यह है कि प्रफुल्ल के परिवार को उनके डेब्यू के बारे में मैच शुरू होने तक कोई जानकारी नहीं थी. प्रफुल्ल के पिता प्रकाश हिंगे बिजली बोर्ड से रिटायर हुए हैं. उन्होंने बताया कि मैच वाले दिन रात में उनकी प्रफुल्ल से सिर्फ खाना खाने को लेकर सामान्य बात हुई थी. उन्होंने बेटे से खेलने के बारे में कुछ नहीं पूछा. जब मैच शुरू होने पर पिता ने टीवी देखा, तब जाकर उन्हें पता चला कि उनका बेटा आज अपना पहला आईपीएल मैच खेल रहा है.
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