Hanuman jayanti 2020 : पटना का महावीर मंदिर, जानिए क्यों है यह मंदिर देश भर में बेहद खास

Updated at : 08 Apr 2020 12:27 PM (IST)
विज्ञापन
Hanuman jayanti 2020 : पटना का महावीर मंदिर, जानिए क्यों है यह मंदिर देश भर में बेहद खास

2 April 2020 Lockdowan ka bad Patna juction par pashra sanata

बिहार की राजधानी पटना स्थित महावीर मंदिर की ख्याति प्रदेश ही नहीं बल्कि पुरे देश भर में है.हनुमान जी का यह मंदिर हिंदुओं के आस्था का बड़ा केंद्र है.भारी संख्यां में श्रद्धालु हुमानजी की पूजा-अर्चना करने यहां आते है.उत्तर भारत में हनुमान जी के अनेकों मंदिरों में यह सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है.कहा जाता है कि रामानंदी संप्रदाय के एक तपस्वी बालानंद स्वामी ने 1730 ई. के आस-पास इसकी स्थापना की थी.सन 1948 ईसवी में पटना उच्च न्यायालय ने इसे सार्वजानिक मंदिर घोषित कर दिया और नए भव्य हनुमान मंदिर का विनिर्माण 1983 से 1985 के बीच किया गया.इसका निर्माण कार्य सेवानिवृत भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी किशोर कुणाल और उनके भक्तो के योगदान से किया गया था.पटना रेलवे जंक्शन के पास स्थित हनुमान जी का यह महावीर मंदिर पारम्परिक रूप से तीर्थ नहीं होते हुए भी देश के दूसरे भागों में भी प्रभावशाली बन गया है. जानें मंदिर से जुड़ी कुछ विशेष बातें-

विज्ञापन

बिहार की राजधानी पटना स्थित महावीर मंदिर की ख्याति प्रदेश ही नहीं बल्कि पुरे देश भर में है.हनुमान जी का यह मंदिर हिंदुओं के आस्था का बड़ा केंद्र है.भारी संख्यां में श्रद्धालु हुमानजी की पूजा-अर्चना करने यहां आते है.उत्तर भारत में हनुमान जी के अनेकों मंदिरों में यह सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है.कहा जाता है कि रामानंदी संप्रदाय के एक तपस्वी बालानंद स्वामी ने 1730 ई. के आस-पास इसकी स्थापना की थी.सन 1948 ईसवी में पटना उच्च न्यायालय ने इसे सार्वजानिक मंदिर घोषित कर दिया और नए भव्य हनुमान मंदिर का विनिर्माण 1983 से 1985 के बीच किया गया.इसका निर्माण कार्य भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत अधिकारी किशोर कुणाल और उनके भक्तो के योगदान से किया गया था.पटना रेलवे जंक्शन के पास स्थित हनुमानजी का यह महावीर मंदिर पारम्परिक रूप से तीर्थ नहीं होते हुए भी देश के दूसरे भागों में भी प्रभावशाली बन गया है.जानें मंदिर से जुड़ी कुछ विशेष बातें-

Also Read: Hanuman Jayanti 2020 : कहां हुआ था हनुमान का जन्म, जानें किन जगहों पर किए जाते हैं दावे
undefined

– मंदिर में रोजाना निःशुल्क भोजन की व्यवस्था उपलब्ध है. प्रतिदिन यहा सैकड़ों की संख्या तीर्थयात्री राम-रसोई में सम्मिलित होते हैं. राम-रसोई का सामुदायिक भोजन कोरोना वायरस के कारण फिलहाल बन्द है, अयोध्या तथा इसके आसपास के 2000 से 3000 जरूरतमंदों को प्रतिदिन भोजन वितरित किया जा रहा है.

undefined

– यह देश का पहला मन्दिर है, जिसने अयोध्या में राममन्दिर के निर्माण के लिए दिनांक 9 नवम्बर, 2019 को मुकदमा जीतने के तुरत बाद 10 करोड़ रुपया देने का प्रस्ताव दिया. जानकारी के अनुसार इसने 2 करोड़ की राशि उपलब्ध भी करा दी है.

undefined

– यह देश का पहला मन्दिर है जिसने कोरोना वायरस से बचाव के लिए 1करोड़ रुपये का दान किया. इसने बिहार के मुख्यमन्त्री राहत कोष में इस राशि का 26 मार्च, 2020 को अंतरण किया

undefined

– यह देश का पहला मन्दिर है, जो मुकदमा जीतने के बाद अयोध्या में तम्बू से अपने नये अस्थायी मन्दिर में आने के उपरान्त पहली रामनवमी के दिन रामलला के भोग के लिए लड्डू और हलवा उपलब्ध करा रहा है. रामलला के इस दैनिक भोग के लिए गोविन्द भोग चावल उपलब्ध कराया गया है जो कैमूर की पहाडियों पर ईशा की पहली शती में निर्मित मुण्डेश्वरी मन्दिर से निकलनेवाले जल से पवित्र जमीन पर उपजता है.

undefined

– यह देश का पहला मन्दिर है, जो सीतामाता के जन्मस्थान सीतामढी में सीता-रसोई का सफल संचालन कर रहा है. यहाँ सभी तीर्थयात्रियों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है.

undefined

– यह देश का एक मात्र हनुमान मन्दिर है जहाँ एक ही गर्भगृह में हनुमानजी के दो विग्रह हैं. यह आस्था है कि इनमें से एक दुष्टों का संहार करते हैं तथा दूसरे भक्तों की कामना पूर्ण करते हैं. इसे ‘मनोकामना-पूरन मन्दिर’ कहा जाता है

undefined

-तिरुपति मन्दिर में लड्डू की लोक-प्रसिद्ध बिक्री के अलावा यह देश का दूसरा सबसे बड़ा मन्दिर है जहाँ नैवेद्यम् (भगवान के भोग के रूप में लड्डू) की सबसे अधिक बिक्री होती है.इसे तिरुपति के विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया जाता है.

– यह देश का पहला मन्दिर है जो 18 वर्ष तक के सभी कैंसर मरोजों के लिए कैशलेस चिकित्सा उपलब्ध करा रहा है.

– यह देश का पहला मन्दिर है जो मरीजों के लिए महज 100 रुपये प्रति यूनिट रक्त उपलब्ध करा रहा रहा है तथा अस्पलाल में भर्ती लगभग 600 मरीजों को प्रतिदिन निःशुल्क भोजन की सुविधा दे रहा है.

– जन्मजात हृदय छिद्रवाले मरीजों की निःशुल्क शल्य चिकित्सा की सुविधा इस मंदिर के तरफ से जल्द शुरु होने की जानें की बात कही जा रही है.

– यह उत्तर भारत का पहला मन्दिर है जिसने 5 बड़े अस्पतालों की स्थापना की है- कैंसर अस्पताल (महावीर कैंसर संस्थान,) शिशु एवं मातृत्व अस्पताल (महावीर वात्सल्य अस्पताल) ये दोनों देश के उत्तम अस्पतालों में गिने जाते हैं.

– यह देश का पहला मन्दिर है जिसने बहुत पहले 13 जून 1993 को ही दलित पुजारी की नियुक्ति अयोध्या के स्व. रामचन्द्र परमहंस, स्व. योगी अवेद्यनाथ जैसे उस समय के देश के सम्मानित धर्मधुरंधरो की उपस्थिति में की थी.

– यह देश के कुछ गिने चुने मन्दिरों में एक है, जहाँ अन्य प्रतिमाओं के साथ बुद्धदेव की भी पूजा होती है.इस मन्दिर में बुद्ध की एक विशाल प्रतिमा स्थापित है.

– यह देश के उन मन्दिरों में एक है जो पारम्परिक रूप से तीर्थ नहीं हैं लेकिन कम समय में ही यह इतना स्थापित हो चुका है कि यह देश के दूसरे भागों में भी प्रभावशाली बन गया है

विज्ञापन
ThakurShaktilochan Sandilya

लेखक के बारे में

By ThakurShaktilochan Sandilya

डिजिटल मीडिया का पत्रकार. प्रभात खबर डिजिटल की टीम में बिहार से जुड़ी खबरों पर काम करता हूं. प्रभात खबर में सफर की शुरुआत 2020 में हुई. कंटेंट राइटिंग और रिपोर्टिंग दोनों क्षेत्र में अपनी सेवा देता हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन