कौन हैं पिनाकी मिश्रा जिनसे टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने की शादी

Mahua Moitra : तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा गुरुवार को अचानक सोशल मीडिया में ट्रेंड करने लगीं और उनकी शादी की चर्चा ना सिर्फ सोशल मीडिया में बल्कि तमाम बड़े मीडिया संस्थानों की हेडलाइंस का हिस्सा बन गई. खबर है कि महुआ मोइत्रा (50) ने बीजेडी नेता पिनाकी मिश्रा (65) से जर्मनी में शादी कर ली है. इन दोनों की हाथों में हाथ डाले तस्वीर वायरल है. महुआ और पिनाकी का यह बेहद ही निजी मसला है, लेकिन दोनों सार्वजनिक जीवन में हैं, इसलिए चर्चा आम है.

Mahua Moitra : तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड नेता महुआ मोइत्रा की शादी की चर्चा मीडिया जगत में हो रही है. महुआ मोइत्रा और उनके पति पिनाकी मिश्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हैं, हालांकि ना तो महुआ मोइत्रा और ना ही पिनाकी मिश्रा ने इस शादी की पुष्टि की है. महुआ मोइत्रा को स्त्री अधिकारों के प्रति सजग महिला माना जाता है और वे अपने तरह से जीवन जीने के लिए भी जानी जाती हैं, इसलिए उनकी शादी की खूब चर्चा हो रही है. महुआ मोइत्रा के पति पिनाकी मिश्रा बीजेडी के नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता भी रहे हैं.

कौन हैं पिनाकी मिश्रा, जिन्हें महुआ मोइत्रा ने दिया दिल

महुआ-मोइत्रा-और-पिनाकी-मिश्रा

पिनाकी मिश्रा बीजेडी के सांसद रहे हैं. उन्होंने पुरी लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है. पिनाकी मिश्रा को पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी नेताओं में गिना जाता है. वे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता भी हैं. पिनाकी मिश्रा 65 साल के हैं और उनकी पहली शादी संगीता मिश्रा से हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं. पिनाकी मिश्रा और संगीता मिश्रा की शादी 1984 में हुई थी और बाद में उनका तलाक हो गया. पिनाकी मिश्रा ने संत स्टीफन काॅलेज दिल्ली से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है और बाद में दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही लाॅ की पढ़ाई की है. अब पिनाकी मिश्रा ने महुआ मोइत्रा से दूसरी शादी की है. वे दोनों 3 मई को बिना किसी सूचना के जर्मनी में शादी के बंधन में बंधे हैं और अभी वहीं छुट्टियां मना रहे हैं.

महुआ मोइत्रा की यह दूसरी शादी है

तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने पहली शादी डेनमार्क के लार्स ब्रोरसन से हुई थी, लेकिन यह शादी चली नहीं और दोनों का तलाक हो गया. 50 साल की महुआ मोइत्रा अभी तक सिंगल थीं और अब उन्होंने बीजेडी के नेता पिनाकी मिश्रा से शादी की है. महुआ मोइत्रा का जन्म असम के एक बंगाली परिवार में हुआ है. उन्होंने अमेरिका से अपना ग्रेजुएशन किया है और 2010 में उन्होंने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को ज्वाइन किया था. इससे पहले उन्होंने यूथ कांग्रेस ज्वाइन किया था और राहुल गांधी की करीबी मानी जाती थीं. वर्तमान में महुआ मोइत्रा कृष्णानगर लोकसभा सीट से सांसद हैं. महुआ मोइत्रा का नाम विवादों में तब आ गया था जब उनपर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने यह आरोप लगाया था कि उन्होंने अदाणी ग्रुप के खिलाफ संसद में सवाल पूछने के लिए पैसे लिए हैं.

महुआ मोइत्रा और पिनाकी मिश्रा कैसे आए करीब

महुआ मोइत्रा और पिनाकी मिश्रा के संबंधों को लेकर चर्चाएं तो बहुत हो रही हैं, लेकिन अभी तक यह पता नहीं चला है कि इन दोनों के बीच नजदीकियां कब और कैसे बढ़ीं. हालांकि यह सर्वविदित है कि दोनों सांसद रहे हैं और इस नाते उनका संपर्क आपस में हुआ होगा और नजदीकियां भी बनीं होंगी.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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