nalanda

  • Oct 14 2019 12:57AM
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एक कनीय अभियंता के भरोसे हो रहा नगर निगम का कार्य

 बिहारशरीफ : अपना शहर बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी में शामिल है. आनेवाले दिनों में नगर निगम में बड़ी-बड़ी योजनाओं का कार्य शुरू होना है. इसके अलावा 14वें वित्त, पंचम वित्त एवं निगम कोष से अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना है. इन कार्यों की जांच व निगरानी के लिए नगर निगम में कई अभियंताओं की जरूरत है, मगर एक कनीय अभियंता के भरोसे नगर निगम का सारा कार्य हो रहा है.

 
 इसके कारण विकास कार्यों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है. न तो प्राक्कलन का सही तरीके से सत्यापन हो रहा है और न ही योजनाओं की जांच हो पा रही है. पूर्व में नगर निगम द्वारा आदेश जारी किया गया था कि भुगतान से पूर्व कुछ योजनाओं की जांच जिला स्तर के अभियंता से करायी जाये, जिससे कि कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित किया जा सके.
 
  कई नई योजनाओं का प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है. इस माह निविदा के लिए भेजी जानेवाली योजनाओं का प्राक्कलन भी तैयार है, जिसकी जांच आवश्यक है. अभियंता की कमी के कारण ये सारे कार्य प्रभावित हो रहे हैं. 
 
14वें वित्त से प्रत्येक वार्ड में लगभग 15-15 लाख की करीब सात करोड़ की योजनाओं का प्राक्कलन तैयार किया गया है. इन योजनाओं को निविदा के लिए भेजने से पहले सभी के प्राक्कलन की मांग करायी जायेगी, जिसके बाद ही निविदा के लिए भेजा जायेगा. सभी योजनाएं वार्ड पार्षदों द्वारा चयनित की गयी है. उपनगर आयुक्त के स्तर से इन सभी योजनाओं का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है.
 
बोले अधिकारी 
नगर निगम में एक जूनियर इंजीनियर कार्यरत हैं. इसके कारण योजनाओं के कार्य प्रभावित हो रहे हैं. योजनाओं की जांच के साथ-साथ प्राक्कलन की जांच में परेशानी हो रही है.
 
 इस संबंध में जिला पदाधिकारी योगेंद्र सिंह को पत्र लिखकर पूर्ण योजनाओं की गुणवत्ता की जांच एवं नये प्राक्कलन की जांच करने के लिए जिला स्तर पर अभियंताओं की एक टीम गठित करने की मांग की गयी है. योजनाओं का सुचारु तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है.
सौरभ जोरेवाल, नगर आयुक्त, बिहारशरीफ
 
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