Advertisement

nalanda

  • Jan 3 2019 6:42AM

बिहारशरीफ : नोक-झोंक से बढ़ी बात, 18 घंटे में उजड़ गयीं तीन जिंदगियां

बिहारशरीफ : नोक-झोंक से बढ़ी बात, 18 घंटे में उजड़ गयीं तीन जिंदगियां
रणजीत सिंह
 
बिहारशरीफ : राजद के अनुसूचित जाति व जनजाति प्रकोष्ठ के जिला महासचिव इंदल पासवान की दीपनगर थाने के मघड़ा सराय में हत्या के बाद बुधवार की सुबह भीड़ आक्रोशित हो गयी. करीब एक घंटे तक कानून को हाथ में लेकर भीड़ ने उपद्रव किया. 
 
सूत्रों के अनुसार, राजद नेता व गांव के कुछ युवकों के बीच नोक-झाेंक हुई थी, जिसने एक-एक कर तीन जिंदगियों को खत्म कर दिया. 18 घंटों के भीतर तीन की मौत से सभी सकते हैंं. हजारों की बेकाबू भीड़ के आगे दर्जन भर तैनात पुलिसकर्मी विवश दिखे. राजद नेता की हत्या के शक की सूई राजू पर गयी तो उसके घर को भीड़ ने आग लगा दी. 
 
तीन दमकलों ने पहुंचकर आग पर काबू पाया. अगर घर के अंदर रखा गैस सिलिंडर फट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था. शक के आधार पर उग्र हुई भीड़ ने तीन लोगों को बुरी तरह पीट दिया, जिससे दो की मौत हो गयी. बेकाबू भीड़ ने एक वृद्ध का भी हाथ तोड़ दिया. तीन से चार घरों में तोड़फोड़ की गयी. ऑटो बाइक व पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर िदया गया.
 
कहीं राजनीतिक वर्चस्व में तो नहीं गयी इंदल की जान 
 
सूत्रों की मानें तो इंदल के राजद में जाने से कुछ लोग नाराज चल रहे थे. आशंका है कि कहीं राजनीतिक वर्चस्व में तो इंदल की किसी ने हत्या कर दी है. 
 
सूत्रों के अनुसार, इंदल की गांव के ही रवि, रंजन व कवि नामक युवकों से एक दिन पूर्व संध्या में किसी बात को लेकर नोकझोंक हुई थी. इसलिए कुछ लोग इसी खुन्नस में इंदल की हत्या को जोड़कर देख रहे हैं. बता दें कि इसमें रंजन मॉब लिंचिंग का शिकार होकर अपनी जान गंवा चुका है. 
 
एक साथ तीन अरथियां निकलने से पसरा सन्नाटा 
 
दीपनगर थाने के मघड़ा सराय से राजद नेता इंदल व सिंटू मालाकार एवं काको बिगहा गांव निवासी रंजन यादव की हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में मातमी सन्नाटा पसरा है. 
 
सुबह से देर संध्या तक कई घरों के चूल्हे नहीं जले. एक साथ तीन अरथियों के उठने से मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया. इस पूरे घटनाक्रम में किसी ने अपना पति तो किसी ने अपना पुत्र खोया. दोनों गांवों से देर संध्या तक रह-रहकर परिजनों के रोने बिलखने की आवाजें आ रही थीं.  
 

Advertisement

Comments

Advertisement