katihar

  • Jan 23 2020 7:57AM
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सुबह दस बजे तक छाया रहा घना कोहरा

 कटिहार : कड़ाके की ठंड व कनकनी से लोग परेशान हो रहे हैं. सुबह में घना कुंहासा व हांड कंपा देने वाली ठंड ने लोगों को परेशान किया. सुबह के 10 बजे तक घना कुंहासा रहने की वजह से सड़क पर वाहनों का परिचालन काफी कम हुआ. लोग घरों में ठंड से बचने के लिए दुबके रहे. बुधवार को जिले का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री तथा अधिकतम तापमान 17 डिग्री रेकार्ड किया गया.

 
 लगातार पड़ रही ठंड की वजह से बाजार में दोपहर एक बजे तक सन्नाटा पसरा रहा. एक बजे के बाद बाजार में थोड़ी रौनक लौटी लेकिन पांच बजे के बाद ठंड ने पुन: अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया. जिसके कारण लोग अपने घरों को वापस लौटने को मजबूर हो गये. जिसके कारण शाम छह बजे ही बाजार में सन्नाटा पसर गया. इससे कारोबार पर व्यापक असर पड़ रहा है.
 
 दुकानदार व व्यवसायी लगातार पड़ रही ठंड से अब चितिंत होने लगे हैं. बिक्री पूरी तरह से चौपट हो गयी है. महाजन से उधार पर लिये समान बिक नहीं रहे हैं. ऐसे में समय पर महाजन को राशि नहीं देने पर उनके साख पर असर पड़ रहा है. मुनाफा तो नहीं ही हो रहा है. 
 
साख बचाने के लिए व्यवसायी परेशान है. सुबह में तेज ठंड व घना कुंहासा रहने की वजह से बाजार ही 11 बजे खुल रहा है. हालांकि इस ठंड में गर्म कपड़ों के कारोबारी को काफी फायदा हो रहा है. लगातार दो महीनें से पड़ रही ठंड ने हाल के सारे रेकार्ड को ध्वस्त कर दिया है. शहर के सभी मॉल में गर्म कपड़ों की सबसे अधिक बिक्री हो रही है. 
 
एक अनुमान के मुताबिक इस बार अधिक ठंड होने की वजह से 10 करोड़ से अधिक का कारोबार गर्म कपड़ों का हुआ है. जबकि दूसरे व्यवसाय पूरी तरह से चौपट हो गया है. व्यवसायी इंतजार कर रहे हैं कि ठंड जल्दी अब चला जाय और कारोबार में कुछ सुधार हो. व्यवसायियों का कहना है कि बसंत पंचमी के बाद ही ठंड में अब कमी आयेगी. 
 
मजदूर व किसानों की ठंड ने बढ़ा दी है परेशानी  : कड़ाके की ठंड ने मजदूर व किसानों की परेशानी को दोगुनी कर दी है. रोज कमाने व खाने वाले लोगों को ठंड में काम नहीं मिल रहा है. यदि काम भी मिलता है तो ठंड में काम करना मुश्किल साबित हो रहा है. युवा मजदूर तो किसी तरह काम कर भी ले रहे हैं लेकिन अधेड़ मजदूर इस ठंड में काम नहीं कर पा रहे हैं. वैसे लोगों के घर पर चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है. 
 
 
जबकि किसानों की भी स्थिति कमोवेश यही है. कड़ाके की ठंड में मजदूर काम करने कतरा रहे हैं. हालांकि ठंड की वजह आलू की फसल को छोड़कर सभी फसलों को फायदा हो रहा है. पानी पटवन आदि करने में मजदूर नहीं मिल रहे हैं. जिससे फसलों को क्षति पहुंचने की बात कहीं जा रही है. 
 
स्कूली बच्चों को ठंड में हुई परेशानी: घना कोहरा व भीषण ठंड में सबसे अधिक यदि कोई परेशान हुआ तो वे स्कूली बच्चे हैं. जिन्हें सुबह सात बजे कड़ाके की ठंड में स्कूल, कॉलेज व कोचिंग जाने में घोर परेशानी उठानी पड़ी. 
 
सुबह घने कोहरे के कारण स्कूली बच्चों को ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल जाने को मजबूर होना पड़ा. जिला प्रशासन की ओर से स्कूल संचालन के ठाइम में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किये जाने के कारण बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है.    
 
शहर में अलाव की कहीं नहीं है व्यवस्था : शहर में इस कड़ाके की ठंड में भी अलाव की कहीं व्यवस्था नहीं है. ऐसे में मजदूर, रिक्शा, ढेला, ऑटो चलाने वालों, फुटपाथ पर रहकर जीवन बसर करने वालों की परेशानी बढ़ गयी है. 
 
हालांकि नगर निगम ने पिछले दिनों बढ़े ठंड के बाद शहर के दस स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की थी. लेकिन इधर तीन दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड के बावजूद भी अलाव की व्यवस्था नहीं हो सकी है.
 
कोहरे में लिपटा रहा आजमनगर का क्षेत्र 
आजमनगर. पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण एक बार फिर मौसम के बदलते निजाम के बीच पूरा बिहार जहां शीतलहर की चपेट में है. आजमनगर का पूरा इलाका कोहरे की चादर ओढ़े हुए है. यहां की सड़कों पर कोहरे की चादर इतनी गहरी हो रही बीते कई दिनों की सड़कों पर वाहन चालकों को सफर करने में काफी परेशानी हो रही.
 
 इससे दुर्घटनाओं में संभावित वृद्धि हो सकती है. ऐसे में वाहन चालकों को खुद में संयम रखते हुए सावधानी से कोहरे की चादर से लिपटी सड़कों पर वाहन चलाने की जरूरत है. 
 
पछुआ हवा में गलन का मेल बरकरार है. इस समय हवा में कोल्ड फ्रंट के चर्चे से लोग चिंतित होने लगे हैं. आजमनगर की सड़कों पर तड़के दोपहर तक कोहरे की चादर फैली रहने से पूरा जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. लोग दिन में वाहनों की लाइट जला कर सफर करते हैं. शाम ढलते ही सर्द हवाओं से लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल रही. 
 
मनसाही: कड़ाके की ठंड में स्कूली बच्चे परेशान 
मनसाही. प्रखंड क्षेत्र के कुरेठा पंचायत के पिंडा गांव के दर्जनों आदिवासी समूह के बच्चों बुधवार की सुबह करीब सात बजे कड़ाके की ठंड व घना कुंहासा में गांव से करीब एक किमी दूर प्राइवेट कोचिंग में पढ़ाई करने के लिए विवश होकर ठिठुरते हुए जाना पड़ता है. उच्च वर्ग की दर्जनों छात्रा कड़ाके की  ठंड व कुंहासा में साइकिल से पढ़ाई करने के लिए जाते है. 
 
बुधवार की सुबह पिण्डा गांव के आदिवासी छात्र-छात्रा निशा कुमारी वर्ग तीन, प्रियंका कुमारी वर्ग पांच, हिमांसू कुमार वर्ग एक, अंकिता कुमारी वर्ग दो, अंकित कुमार वर्ग चार, मोहित कुमार वर्ग दो, साजन कुमार वर्ग सात, लव कुमार वर्ग चार, मीनाक्षी कुमारी वर्ग तीन, सुमित कुमार वर्ग एक, ऐसे बच्चें इस कड़ाके के ठंड में पढ़ाई लिखाई नुकसान नहीं हो अपना हित व होसला बुलंद करते हुये घर से एक किमी दूरी पढाई करने जाते हैं. ऐसे स्थति में छोटे-छोटे बच्चों पूछा गया कि क्या तुम्हे ठंड नहीं लगती. बच्चों ने जबाब दिया पढ़ाई पहले जरूरी है. 
 
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