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  • Oct 12 2019 7:20PM
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Sharad Purnima 2019: 16 कलाओं युक्त चंद्रमा से आज बरसेगा अमृत, जानें क्या कहता है विज्ञान

Sharad Purnima 2019: 16 कलाओं युक्त चंद्रमा से आज बरसेगा अमृत, जानें क्या कहता है विज्ञान

Sharad Purnima 2019 , Kojagari Lakshmi Puja 2019 : रविवार, 13 अक्तूबर को शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा से अमृत बरसेगा. पूर्णिमा और उत्तराभाद्र पद नक्षत्र के संयोग विशेष फलदायी होंगे. घरों में पूजा होगी. छत पर रात भर खीर रखकर सुबह प्रसाद बांटा जाएगा. शरद पूर्णिमा के साथ दिवाली की धूम मच जाएगी.

 

शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की भी पूजा होती है. ऐसी मान्यता है कि माता लक्ष्मी रात्रि में विचरण करती है और भक्तों पर धन-धान्य से पूर्ण करती है. इस दिन रात भर जाग कर मां लक्ष्मी के भजन करने चाहिए. कहते हैं मां लक्ष्मी इस दिन रात में जगने और मां लक्ष्मी के अाराधना करनेवालों को धन और वैभव का आशीर्वाद देती हैं. इसलिए इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं. घी के दीपक जलाकर मां लक्ष्मी को प्रसन्न किया जाता है.

आश्विन मास की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं. महारास की रात्रि शरद पूर्णिमा की महिमा का वर्णन प्राचीन धर्मग्रंथों में विभिन्न रूपों में किया गया है. इसी दिन से सर्दियों का आरंभ माना जाता है. आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को चंद्रमा पृथ्वी के अधिक निकट होने से बलवान होगा. चंद्रमा की किरणों की छटा धरती को दूधिया रोशनी से नहलाएगी. इस छटा के बीच पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाएगा.

मान्यता है कि इस दिन सोलह कलाओं से युक्त चंद्रमा से अमृत बरसता है. महिलाएं शाम ढलने के बाद पूजा-अर्चना करती हैं. छत पर अल्पना बनाकर गन्ना, खीर रखी जाती है. यह भी मान्यता है कि रात में चांद की रोशनी में रखी गई खीर खाने से पित्त रोग से छुटकारा मिलता है.



क्या कहता है विज्ञान
शरद पू्र्णिमा की रात को खुले आसमान के नीचे प्रसाद बनाकर रखने का वैज्ञान‍िक महत्व भी है. इस समय मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा होता है, यानी मॉनसून का अंत और ठंड की शुरुआत. शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा धरती के बहुत नजदीक होता है. ऐसे में चंद्रमा से न‍िकलने वाली कि‍रणों में मौजूद रासायनिक तत्व सीधे धरती पर आकर ग‍िरते हैं, ज‍िससे इस रात रखे गये प्रसाद में चंद्रमा से न‍िकले लवण व विटामिन जैसे पोषक तत्‍व समाह‍ित हो जाते हैं.

विज्ञान कहता है कि दूध में लैक्टिक एसिड होता है. यह किरणों से शक्ति का शोषण करता है. चावल में मौजूद स्टार्च इस प्रक्रिया और आसान बनाता है. ये स्‍वास्‍थ्‍य के ल‍िए बहुत फायदेमंद है. ऐसे में इस प्रसाद को दूसरे द‍िन खाली पेट ग्रहण करने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है. सांस संबंधी बीमार‍ियों में लाभ म‍िलता है. मान‍सिक परेशान‍ियां दूर होती हैं.

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