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  • Jan 12 2019 1:35AM
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रांची : बैंक जालसाजी के आरोप में सरावगी बंधुओं पर दर्ज हुई तीसरी प्राथमिकी

रांची  : जालसाजी कर बैंक से कर्ज लेने और शेल कंपनियों के माध्यम से दूसरी कंपनियों में पैसा ट्रांसफर करने के आरोप में सीबीआइ ने सरावगी बंधुओं के खिलाफ तीसरी प्राथमिकी दर्ज की है. इसमें  सरावगी बंधुओं के बद्री केदार उद्योग और इस कंपनी के निदेशक अमित सरावगी और स्वाति सरावगी सहित अन्य को आरोपी बनाया गया है.
 
प्राथमिकी में इस कंपनी पर बैंक इंडिया से कपड़े के व्यापार के   नाम पर 15 करोड़ रुपये कर्ज लेने और बैंक को नुकसान पहुंचाने का आरोप है.
सीबीआइ (आर्थिक अपराध शाखा) रांची द्वारा दर्ज प्राथमिकी में यह आरोप लगाया गया है कि कंपनी के निदेशकों ने अन्य लोगों के साथ साजिश रच कर बैंक से कर्ज लिया. कपड़ा के व्यापार के नाम पर वर्ष 2015 में लिया गया 15 करोड़ रुपये का कर्ज मार्च 2018 में एनपीए हो गया. 
 
बद्री केदार नाथ उद्योग के नाम पर कर्ज लेने के बाद इस रकम में से 12.84 करोड़ रुपये कोलकाता की शेल कंपनियों के खाते में ट्रांसफर किया गया. इसके लिए कपड़ों की खरीद-बिक्री के फर्जी दस्तावेज तैयार किये गये. बाद में कोलकाता की इन शेल कंपनियों से कर्ज की इस रकम को  मेसर्स सरावगी बिल्डर्स के खाते में ट्रांसफर किया गया. 
 
बद्री केदार उद्योग ने फर्जी व्यापार के नाम पर कोलकाता की जिन शेल कंपनियों के खाते में पैसा ट्रांसफर किया, उसमें निरझर साड़ी, पेरिविंकल एजेंसीज, मारवेलस साड़ी, डॉकिंस सप्लायर, इवेन स्टार मार्केटिंग, शीतलामयी डिस्ट्रीब्यूटर्स, मस्ती डिस्ट्रिब्यूटर्स आदि के नाम शामिल हैं. 
 
सरावगी बंधुओं के अनुरोध पर बैंक ने स्टॉक, फ्लैट, जमीन आदि की जमानत के एवज में कर्ज की स्वीकृति दी. हालांकि इसकी जांच नहीं की. बाद में मुखर्जी एसोसिएट द्वारा इस कंपनी का स्टॉक ऑडिट किया गया.
 
कपड़े के व्यापार के नाम पर बैंक से 15 करोड़ रुपये कर्ज लेने और बैंक को नुकसान पहुंचाने का है आरोप
कंपनी निदेशक पर साजिश रच कर पैसे लेने का आरोप 
 
अभियुक्तों का ब्योरा
बद्री केदार नाथ उद्योग
अमित सरावगी, निदेशक, बद्री केदार नाथ उद्योग
स्वाति सरावगी, निदेशक, बद्री केदार नाथ उद्योग
सरावगी बिल्डर्स एंड प्रोमोटर्स एवं अन्य  अज्ञात
 

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