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  • May 16 2019 5:26AM

हिंसा के लिए भाजपा नहीं, तृणमूल जिम्मेदार : शाह

 कोलकाता/नयी दिल्ली : भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के लिए राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ‘‘मूक दर्शक'' बना हुआ है. नयी दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में शाह ने यह भी कहा कि मंगलवार को जब कोलकाता में उनके काफिले पर कथित हमला किया गया, तब वह सीआरपीएफ की सुरक्षा के बिना, सकुशल बच कर नहीं निकल पाते. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि आम चुनाव के अब तक संपन्न सभी छह चरणों के मतदान के दौरान केवल पश्चिम बंगाल में हिंसा हुई और कहीं से भी ऐसी किसी घटना की खबर नहीं है. 

 उन्होंने कहा कि अब तक चुनाव के छह चरण समाप्त हो चुके हैं और इनमें सिवाय बंगाल के, कहीं भी हिंसा नहीं हुई. ‘मैं ममता जी को बताना चाहता हूं कि आप सिर्फ 42 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं और भाजपा देश के सभी राज्यों में चुनाव लड़ रही है. कहीं पर भी हिंसा नहीं हुई, लेकिन बंगाल में हर चरण में हिंसा हुई. इसका साफ़ मतलब है कि हिंसा के पीछे तृणमूल कांग्रेस का हाथ है.'' भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बंगाल में चुनाव आयोग मूक दर्शक बना हुआ है, जबकि उसे तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए. उन्होंने चुनाव आयोग पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा, ‘मैं पूछना चाहता हूं कि क्यों चुनाव आयोग वहां चुप बैठा है. इन सब के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं. 
 
 आदतन अपराधियों को चुनाव से पहले गिरफ्तार भी नहीं किया गया.' भाजपा अध्यक्ष ने कहा- ‘अब बंगाल की जनता ममता जी को हटाने का मन बना चुकी है और मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि इस बार बंगाल में भाजपा 23 से अधिक सीटें जीतने जा रही है.' शाह ने भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं आश्वस्त हूं कि चुनाव के पांचवें और छठे चरण के बाद भाजपा अकेले पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है. सातवें चरण के बाद 300 से ज्यादा सीटें जीतकर हम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर से राजग की सरकार बनाने जा रहे हैं.'
 
तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनके रोड शो से पहले ही वहां लगे भाजपा के पोस्टर फाड़ दिये गये. ‘रोड शो शुरू हुआ, जिसमें अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा. करीब ढाई घंटे तक शांतिपूर्ण तरीके से रोड शो चला.'' शाह ने कहा कि इसके बाद तीन बार हमले किये गये और तीसरे हमले में तोड़फोड़ तथा आगजनी हुई. उन्होंने दावा किया कि सुबह से पूरे कोलकाता में चर्चा थी कि यूनिवर्सिटी से आकर कुछ लोग दंगा करेंगे. न तो पुलिस ने कोई जांच की और न ही किसी को गिरफ्तार किया गया. शाह ने कहा ‘‘जहां समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा रखी है, वह जगह कमरों के अंदर है.
 
कॉलेज बंद हो चुका था, ताला लग चुका था, फिर किसने कमरे खोले. ताला भी नहीं टूटा, तो चाबी किसके पास थी. कॉलेज में तृणमूल कांग्रेस का कब्जा है.' उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सहानुभूति बटोरने के लिए ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ा. भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वोटबैंक की राजनीति के लिए बंगाल नवजागरणकाल की महान हस्ती ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़े जाने का मतलब है कि तृणमूल कांग्रेस की उल्टी गिनती शुरू हो गयी.  
 
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