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begusarai

  • Sep 11 2019 6:36AM
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सहार में एक यूनिट भी पौधारोपण नहीं हुआ

 सहार : केंद्र एवं राज्य सरकारें पर्यावरण को लेकर पेड़ बचाने और पौधे लगाने का अभियान चलाया है. पूरे सूबे में लोगों से पौधे लगाने का आह्वान किया जा रहा है, लेकिन सहार प्रखंड में मनरेगा कर्मियों की लापरवाही से वर्तमान सत्र में एक यूनिट भी पौधारोपण नहीं कराया गया है और न ही वास्तविक स्थिति की जानकारी उपलब्ध करायी जा रही है, जिससे पौधारोपण के लिए इच्छुक किसानों में मनरेगा कर्मियों के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है. 

 
सूत्रों की मानें तो हरियाली मिशन के अंतर्गत मनरेगा एवं कार्यरत एजेंसी के द्वारा सहार प्रखंड में 24 यूनिट पौधारोपण सरकारी एवं रैयती भूमि में 31 अगस्त तक कराना था, लेकिन मनरेगा कर्मी एवं कार्यरत एजेंसी की मनमानी के कारण प्रखंड में एक यूनिट भी पौधारोपण नहीं किया गया, जो सरकार के अभियान को ठेंगा दिखा रहे हैं. जानकारी के अनुसार पौधारोपण की जिम्मेदारी प्रकृति इंटरप्राइजेज को दी गयी है, जिसमें प्रकृति इंटरप्राइजेज को पौधे की व्यवस्था, पौधारोपण, गलेबीयन एवं चापाकल की व्यवस्था करने का कार्य सौंपा गया है. 
 
 एजेंसी द्वारा तय मानक के अनुरूप पौधा नहीं लगाया गया है. यह जानकारी मिली है कि एजेंसी द्वारा आरा में पौधों का वितरण की जाती है, लेकिन रैयती किसानों की जेब ढीली करनी पड़ती है और किसान निजी भूमि में पौधारोपण कराना परेशानियों को दावत देना समझने लगे हैं. 
 
वहीं, ग्रामीणों की मानें, तो प्रखंड में दर्जनों घाटों से बालू के उठाव होने के कारण वातावरण बराबर प्रदूषित रहता है, जिससे कई प्रकार की बीमारी उत्पन्न होने का बना रहता है. इसलिए सहार प्रखंड में बड़े पैमाने पर पौधारोपण करने की आवश्यकता है. 
 
बोले जिम्मेदार
पौधारोपण कार्य में मनरेगा की निष्क्रियता के कारण पूरे जिले में लगभग एक करोड़ रुपये फंसा हुआ है, जिसका निदान पदाधिकारियों के द्वारा नहीं किया जा रहा है. इसके कारण पौधारोपण कराने में असुविधा हो रही है. सहार प्रखंड में जेइ के नहीं होने के कारण जियो टैग नहीं हो पा रहा है.
 विजेंद्र कुमार, प्रकृति इंटरप्राइजेज के फैंसीलेटर 
 
बोले मनरेगा पीओ
पौधारोपण का कार्य एजेंसी का है. मनरेगा के द्वारा जियो टैग एवं पौधारोपण होने पर आगे की कार्रवाई करनी होती है. फिलवक्त दोनों कर्मियों की बातों में कहां तक कितनी सच्चाई है. यह संबंधित जानकार अधिकारी ही बता पायेंगे. लेकिन यह तय है कि पौधारोपण के नाम पर कुछ गड़बड़ जरूर हो रहे हैं.
श्रीकांत, मनरेगा पीओ
 
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