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asansol

  • Aug 23 2019 1:28AM
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हिंदी पीजी में नामांकन के लिए काउंसलिंग नहीं

 आसनसोल : काजी नजरूल यूनिवर्सिटी के अधीन बीबी कॉलेज (आसनसोल) एवं टीडीबी कॉलेज (रानीगंज) में संचालित हिंदी (एमए) पीजी सेंटर में अध्ययन के लिए स्टूडेंटस को काउंसिलिंग एवं वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए काजी नजरूल यूनिवर्सिटी जाना अनिवार्य नहीं होगा. 

 
हिंदी (एमए) पीजी के बीबी कॉलेज एवं टीडीबी कॉलेज सेंटर के लिए ऑनलाईन आवेदन करने वाले स्टूडेंटस के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन संबंधित कॉलेजों में ही निदृष्ट तिथि को किया जायेगा.
 
कुलपति डॉ साधन चक्रवर्ती ने कहा कि नये सत्र 2019-20 में स्नातकोत्तर में अध्ययन के लिए आवेदन करने वाले स्टूडेंटस के नामों की सूची यूनिवर्सिटी द्वारा जल्द जारी की जायेगी. 
 
स्टूडेंटस को इसकी सूचना उनके ऑनलाईन आवेदन के दौरान पोर्टल पर दर्ज निजी ब्यौरों में दिये गये मोबाईल नंबरों एवं उनके ई-मेल पर भेज कर सूचित किया जायेगा. उन्होंने  कहा कि दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के लिए स्टूडेंटसों को अलग से नहीं बुलाया जायेगा.
 
 यूजीसी के नये दिशा-निर्देशों के तहत स्टूडेंटस के सेंटर में प्रथम दिन के कक्षा के दौरान ही दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि दाखिला संबंधित सारी प्रक्रियाएं ऑनलाईन और डिजिटल पद्धति से होने से दाखिला कमेटी एवं स्टूडेंटस दोनों का अनावश्यक समय बचेगा और इसका उपयोग वे दूसरे कार्यों में कर सकेंगे. 
 
बीबी कॉलेज के 30 स्टूडेंटस ने बीबी कॉलेज के हिंदी (एमए) पीजी सेंटर में अध्ययन के लिए ऑनलाईन आवेदन के दौरान इनका चयन किया है.इससे इस वर्ष बीबी कॉलेज में हिंदी (एमए) पीजी में सभी सीटों पर स्टूडेंटस का मिलना सुनिश्चित हो गया है. 
 
इससे पहले वर्ष 2015 में काजी नजरूल यूनिवर्सिटी द्वारा बीबी कॉलेज को पांच स्टूडेंटस, साल 2016 में नौ स्टूडेंटस, साल 2017 में दो स्टूडेंटस और साल 2018 में चार स्टूडेंटस आवंटित किये गये थे. कॉलेज अध्यापकों ने कहा कि दो से पांच स्टूडेंटस के भेजे जाने से स्टूडेंटस का अध्ययन में मन नहीं लग पाता,अध्यापकों को एक स्टूडेंटस हो या एक सौ स्टूडेंटस पढाने में उतनी ही उर्जा लगती है.
 
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