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allahabad

  • Mar 5 2019 5:05PM
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कुंभ मेला के दौरान चलाया गया ‘चिरंजीव हृदय - सीपीआर सीखो, दिल धड़कने दो' अभियान

कुंभ मेला के दौरान चलाया गया ‘चिरंजीव हृदय - सीपीआर सीखो, दिल धड़कने दो' अभियान


प्रयागराज :
‘चिरंजीव हृदय - सीपीआर सीखो, दिल धड़कने दो' अभियान के तहत दुनिया के सबसे बड़े मानव सभा मंच - कुंभ प्रयागराज में कार्डिएक अरेस्ट और सीपीआर के बारे में जानकारी दी गयी. कुंभ में दुनिया भर के करीब 13 करोड़ लोगों ने मेजबानी की इस अवसर पर चिरंजीव हृदय - भारत मेडट्रॉनिक और अन्य समान विचारधारा वाले निकायों नेत्रा कुंभ, हील फाउंडेशन, जूना अखाड़ा, इंडिया वर्चुअल हॉस्पिटल, हील हेल्थ कनेक्ट और इंडियन मेडिकल अकादमी फॉर प्रिवेंटिव हेल्थ द्वारा एक पहल की गयी.

इस अनूठी पहल में  ‘कार्डिएक अरेस्ट’ और जीवन बचाने में सीपीआर तकनीक के महत्व के बारे में जानकारी दी गयी. अभियान के माध्यम से 8,000 लोगों को सीपीआर तकनीक के बारे में प्रशिक्षित किया गया. पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सहायता विभाग  के लोगों को इस संबंध में विशेष जानकारी दी गयी.

इंडिया मेडट्रॉनिक ने चिरंजीव हृदय अभियान के तहत जनता को सडन कार्डिएक अरेस्ट और सीपीआर के विषय में जानकारी दी गयी. इस अवसर पर एक वाहन - सीपीआर एक्सप्रेस - के जरिये भी कुंभ मेले में जागरूकता फैलायी गयी. नुक्कड़ नाटक करने वालों का कलाकारों का एक समूह सीपीआर एक्सप्रेस पर सवार था, जिसने अचानक कार्डिएक अरेस्ट और सीपीआर के महत्व के बारे में जागरूकता फैलायी. 

इस अभियान में डॉ विवेका कुमार, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल,  साकेत, नई दिल्ली की इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और सीनियर डायरेक्टर कैथ लैब, ने कहा, “अगर आपके पास बैठा व्यक्ति जमीन पर गिर जाए   और सांस लेना बंद कर दे, तो आप क्या करेंगे? क्या आप एंबुलेंस को कॉल करेंगे और उसके आने का इंतजार करेंगे? क्या आप अपने घुटनों पर बैठ जाएंगे और छाती को संकुचित करना शुरू कर देंगे? यदि ऐ इ डी पास होता, तो क्या आपको इसका उपयोग करने का विश्वास होगा?

यह जानना लाजिमी है कि हृदय संबंधी आपात स्थिति में क्या करना चाहिए और मदद के लिए क्या कदम बढ़ाना चाहिए. भारत में कोई स्पष्ट डेटा उपलब्ध नहीं है; लेकिन अध्ययनों के माध्यम से, यह अनुमान लगाया जाता है कि अचानक कार्डियक अरेस्ट के कारण होने वाली मौतों की वार्षिक घटना देश में लगभग 7 लाख है और अचानक कार्डियक अरेस्ट का अनुभव करने वाले 95% लोग मर जाते हैं, क्योंकि उन्हें छह मिनट तक कोई जीवन रक्षक चिकित्सा नहीं मिलती है.”

कुंभ में चिरंजीव हृदय अभियान की यात्रा के समापन के रूप में, 100 से अधिक स्वयंसेवकों और कॉलेज के छात्रों ने एक रैली में भाग लिया, जो कुंभ मेले के राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में शुरू हुआ और कुंभ मेला परिसर में मेला प्रशासन कार्यालय में संपन्न हुआ. इस रैली का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सडन कार्डिएक अरेस्ट के महत्वपूर्ण मुद्दे और जीवन बचाने में सीपीआर की भूमिका के बारे में बताना था.

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