लोग कहते फिरेंगे ‘ओ तेरी’

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पुलकित ने अपनी पहली फिल्म से ही साबित कर दिया कि वे बेहतरीन अभिनेता हैं. फिल्म फुकरे में उनकी लीक से हट कर एक्टिंग को हर किसी ने पसंद किया. अब वह ‘ओ तेरी’ से नये किरदार में दर्शकों के सामने होंगे. उनके साथ फिल्म में एक नया चेहरा भी नजर आयेगा. मशहूर फिल्म मेकर कमाल अमरोही के पोते बिलाल अमरोही का यह पहला कदम है. पेश है अनुप्रिया अनंत से हुई उनकी बातचीत के मुख्य अंश.

बिलाल, सबसे पहले आपको कैरियर की शुरुआत के लिए बहुत बधाई. आप नर्वस तो नहीं हैं?

हां, बहुत नर्वस हूं. नर्वसनेस की वजह यह भी है कि जब किसी फिल्मी परिवार से आपका ताल्लुक होता है, तो लोग आपसे हद से ज्यादा अपेक्षाएं करने लगते हैं. मेरे दादाजी की फिल्में हिट रही हैं. उनमें वह धैर्य था कि उन्होंने पाकिजा जैसी फिल्मों को दोबारा से री-शूट करके बनाया था. ये सब बातें सुनता हूं तो लगता है कि मैं उस लेवल का काम कर पाऊंगा या नहीं. मुङो खुशी है कि एक अच्छी फिल्म से यह मौका मिल रहा है.

पुलकित, आपकी पिछली फिल्म काफी पसंद की गयी. तो क्या आपको लगता है कि फुकरे की वजह से अब आपके पास अच्छे और अलग तरह के ऑफर आने लगे हैं?

जी हां, बिल्कुल लोगों का नजरिया मेरे प्रति फिल्म फुकरे से बदला है. अब बड़े प्रोडक्शन हाउस का विश्वास मुझमे जगा है. शायद यह तब नहीं होता जब मेरी फिल्में फ्लॉप होतीं. लेकिन फुकरे ने मुङो अच्छी पहचान दी है. फुकरे की वजह से ही मुङो अरबाज खान की फिल्म डॉली की डोली करने का मौका मिल रहा है. मैं अपने काम से बेहद संतुष्ट हूं.

बिलाल और पुलकित, आप दोनों फिल्म ओ तेरी के बारे में कुछ बताएं?

बिलाल और पुलकित : ओ तेरी दो रिपोर्टरों की कहानी पर आधारित है. यह फिल्म करने के बाद हम महसूस कर पा रहे हैं कि किसी पत्रकार के काम में कितनी दिक्कतें आती होंगी. हमने इस फिल्म के लिए कई न्यूज चैनल के चक्कर लगाये हैं. लोगों को काम करते देखा है. तब हम यह समझ पाये हैं कि किस तरह से जर्नलिस्ट काम करते हैं. ओ तेरी की कहानी आज के युवाओं की है. आज के जेनरेशन की है. फिल्म में जॉब, जॉब हंटिंग और उसमें मीडिया की भूमिका को हास्य तरीके से दर्शाने की कोशिश की गयी है.

इंडस्ट्री में ऐसी चर्चा है कि आप दोनों को ‘ओ तेरी’ सिर्फ इसलिए मिली, क्योंकि आप दोनों सलमान खान के बेहद करीबी हैं?

बिलाल : हां, मैं अपना पूरा श्रेय सलमान भाई को देना चाहूंगा. सलमान भाई मेरे परिवार के करीबी रहे हैं. हम हमेशा एक-दूसरे के घर आते-जाते हैं. हम दोनों का परिवार एक-दूसरे से करीब है और उन्होंने मुझसे कहा कि मुङो इस फिल्म से शुरुआत करनी चाहिए. लेकिन इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं है कि मैंने मेहनत नहीं की है. मैंने बकायदा एक्टिंग की ट्रेनिंग ली तब जाकर मैं शुरुआत करने जा रहा हूं. मुङो लगता है कि जिस तरह की फिल्में अभी बन रही हैं, यह मुमकिन नहीं कि अगर किरदार आपसे मैच न करता हो तो कोई निर्माता सिर्फ आपकी लांचिंग के लिए फिल्म बनायेगा. हां, यह जरूर है कि फिटनेस को लेकर मैं सलमान भाई की नकल जरूर करता हूं.

पुलकित : यह सही है कि सलमान भाई हमारे करीबी हैं और मैं उन्हें तहे दिल से बहुत प्यार करता हूं. लेकिन फिल्मों का चुनाव उसके किरदार की मांग पर होता है. उस किरदार में मैं फिट बैठता हूं तभी वह मेरा चुनाव करेंगे. वरना उनके प्रोडक्शन की हर फिल्म में तो मैं ही होता. सो, मैं इस बात को नहीं स्वीकारता.

बिलाल और पुलकित, नयी जेनरेशन को जितने मौके मिल रहे हैं, प्रतियोगिता उतनी ही टफ होती जा रही है. आप इसे किस तरह लेते हैं?

बिलाल : हां, यह सच है कि आज जितने मौके हैं, प्रतियोगिता भी उतनी ही बढ़ी है. लेकिन मुङो लगता है कि हर कलाकार एक-दूसरे से अलग होता है और उसे वैसे मौके मिल ही जाते हैं. अगर खुद को प्रूव करना है तो लीक से हट कर करना होगा. लेकिन मेरी पहली फिल्म से यह तय होगा कि मैं किस तरह आगे बढूंगा. मैं जानता हूं कि आज फिल्मी बैकग्राउंड पर फिल्में नहीं मिलतीं. सो, मैं कोशिश करूंगा कि मेहनत करूं.

पुलकित : मैं कहना चाहूंगा कि हर किसी अपनी खासियत है. हरमिजाज की फिल्में बन रही हैं. भीड़ से अलग चेहरा बनाना है तो भीड़ के बीच में रह कर ही बनाना होगा. कोशिशें जारी हैं. और फिल्मी दुनिया में पासा कब पलटे पता नहीं चल सकता. सो, सबको मौके मिलेंगे. प्रूव तो बड़े-बड़े कलाकारों को भी करना पड़ता है, तो इन बातों के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं.

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