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अच्छी खबर : चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर लगेगी 'मेघदूत' मशीन, हवा से निकलेगा पीने का पानी

Drinking Water From Air System Meghdoot चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पीने के पानी की समस्या अब पुरानी बात हो जाएगी और रेल यात्रियों को जल्द ही पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध हो सकेगा. इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कारपोरेशन (IRSDC) ने इसकी कवायद शुरू कर दी है.

By Prabhat khabar Digital
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चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर लगेगी 'मेघदूत' मशीन
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर लगेगी 'मेघदूत' मशीन
सोशल मीडिया

Drinking Water From Air System Meghdoot चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पीने के पानी की समस्या अब पुरानी बात हो जाएगी और रेल यात्रियों को जल्द ही पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध हो सकेगा. इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कारपोरेशन (IRSDC) ने इसकी कवायद शुरू कर दी है. इसके मद्देनजर हवा से पानी बनाने वाली मशीन लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी. तेलंगाना के सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन की तर्ज पर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर लगाई जाने वाली यह मशीन हवा की नमी से पानी बनाएगी.

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, मेघदूत तकनीक से इस पानी को बनाया जाएगा. रिपोर्ट में रेलवे के अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि यह पानी पीने लायक होगा और मशीन से तैयार पानी डब्ल्यूएचओ व जलशक्ति मंत्रालय की गुणवत्ता के अनुरूप होगा. इसे मेक इन इंडिया के तहत तैयार किया गया है. दावा किया जा रहा है कि पर्यावरण के अनुकूल यह मशीन हर मौसम में काम करने में सक्षम है. साथ ही यह किसी पानी के स्रोत पर निर्भर नहीं है ताथा कुछ भी वेस्ट उत्पन्न नहीं करती है. खास बात यह भी है कि यह शोर भी कम करती है और हमेशा तापमान और नमी के स्तर को डिस्प्ले पर दिखाती है.

मशीन हवा से सीधे पानी सोखती है. अधिकारियों की मानें तो दुनियाभर में भूजल का स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है. ऐसे में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर लगने वाली हवा से पानी बनाने की मशीन काफी उपयोगी साबित हो सकती है. जानकारी के मुताबिक, मशीन सबसे पहले हवा को साफ करती है, ताकि उसके प्रदूषक तत्व पानी में न आने पाएं. इसके बाद, हवा में मौजूद नमी को पानी में बदलती है. इसके लिए हवा में कम से कम 60 फीसदी नमी जरूरी होनी चाहिए. मशीन से छनकर निकलने वाली हवा सीधे कूलिंग चैंबर में जाती है. जहां उसे बेहद ठंडा किया जाता है, यहीं कंडेस्ड हवा पानी की बूंद में बदलती है. धीरे-धीरे पानी स्टील के टैंक में स्टोर होता चला जाएगा.

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