जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करे संसद, Accessibility Through Innovation कार्यक्रम में बोले ओम बिड़ला
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Aug 2022 9:44 PM
ओम बिड़ला ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में जनता की आशाओं एवं आकांक्षाओं को संसद द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है तथा संसद को जनता अपने सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में परिवर्तन के वाहक के रूप में देखती है.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा है कि संसद को जनता अपने सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में परिवर्तन के वाहक के रूप में देखती है, ऐसे में संसद का दायित्व है कि वह जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करे. बिड़ला ने कनाडा के हैलिफैक्स में आयोजित 65वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में ए पीपल्स पार्लियामेंट : एक्सेसिबिलिटी थ्रू इनोवेशन विषय पर बुधवार को आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही.
जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करे संसद
ओम बिड़ला ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में जनता की आशाओं एवं आकांक्षाओं को संसद द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है तथा संसद को जनता अपने सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में परिवर्तन के वाहक के रूप में देखती है. उन्होंने कहा कि इसलिए सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था के रूप में संसद का दायित्व है कि वह जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करे.
Also Read: ओम बिड़ला ने कहा- नए संसद भवन में दिखेगी सभी राज्यों की संस्कृति की झलक, जानिए कब तक बनकर होगा तैयार
समृद्ध, समावेशी और जागरुक समाज के निर्माण हेतू कार्य करें
ओम बिड़ला ने सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों से कहा कि वे एक समृद्ध, समावेशी और जागरुक समाज के निर्माण हेतू कार्य करें, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच पाए. भारत में गणतांत्रिक व्यवस्था की सफलता का जिक्र करते हुए ओम बिड़ला ने कहा की स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद 75 वर्षों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के माध्यम से हमारे देश की जनता ने लोकतांत्रिक संस्थाओं में बार-बार अपना विश्वास व्यक्त किया है. संसदीय कार्यप्रणाली में प्रौद्योगिकी की भूमिका को रेखांकित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि तकनीक ने लोकतांत्रिक संस्थाओं एवं नागरिकों के बीच की दूरी को समाप्त कर दिया है तथा भारत जैसे विशाल देश में संचार क्रांति ने लोकतंत्र को सशक्त बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है.
राष्ट्रमंडल देशों की संसदों को नियमित रूप से आपस में बातचीत करनी चाहिए
ओम बिड़ला ने सुझाव दिया कि राष्ट्रमंडल देशों की संसदों को नियमित रूप से आपस में बातचीत करनी चाहिए, और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना चाहिए. बयान के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ने कनाडा की सीनेट के अध्यक्ष जॉर्ज जे फ्यूरी तथा हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर एंथनी रोटा से मुलाकात की.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










