पटना : भारत और चीन के बीच विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुक्रवार को चर्चा के लिए बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक में बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को नहीं बुलाये जाने पर पार्टी के सांसदों ने आपत्ति जताते हुए प्रदर्शन किया. दिल्ली में शुक्रवार को राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा और मीसा भारती समेत अन्य नेताओं ने संसद के बाहर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया.
इस मौके पर सांसद मनोज झा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक में हमें आमंत्रित नहीं किया गया. भारत-चीन विवाद को लेकर गलवान घाटी में हुई झड़प से हम भी परेशान हैं. मालूम हो कि राज्यसभा में राजद के पांच सदस्य हैं. उन्होंने संसद में राजद से कम सांसदों वाली पार्टियों को बुलाने और आरजेडी को नहीं बुलाये जाने पर भी सवाल उठाये.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर जतायी आपत्ति
राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है. अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि ”मैं आज ऐसे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक से बाहर होने पर अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त करने के लिए लिख रहा हूं. राजद वर्तमान में बिहार में प्रमुख विपक्षी दल है. बिहार का नेपाल के साथ खुली सीमा के कारण दक्षिण एशियाई क्षेत्र में पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में रणनीतिक स्थान है. हम सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि बिहार की विधानसभा में भी सबसे बड़ी पार्टी हैं.”
उन्होंने कहा है कि ”बहिष्कार का मुद्दा उठाने पर बताया गया कि राज्यसभा और लोकसभा में न्यूनतम पांच सांसदों वाली पार्टियों को आमंत्रित किया गया है. जबकि, यह खेदजनक है कि एक महत्वपूर्ण पार्टी को एक मामले में कहने से रोकने के लिए चुनावी जीत का इस्तेमाल किया जा रहा है. सबसे अधिक अफसोसजनक है कि संसद सचिवालय सांसदों की सही गणना नहीं कर पा रहा है. राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा में पांच सांसद हैं. साथ ही कहा कि बैठक में भाग लेने के लिए कम सदस्यों वाली कई पार्टियों को बुलाया गया है.”
