पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गयी है. महान साहित्यकार और राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम् के लेखक बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के परिवार से जुड़े सुमित्र चट्टोपाध्याय भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गये हैं. उन्होंने बृहस्पतिवार को भाजपा का झंडा थामा. वह श्रम विभाग में सीनियर पोस्ट पर काम कर चुके हैं.
शमिक भट्टाचार्य ने सुमित्र को दिलायी भाजपा की सदस्यता
पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सॉल्टलेक स्थित पार्टी कार्यालय में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलायी. भाजपा इसे बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोगों के समर्थन के रूप में पेश कर रही है. पार्टी ने कहा है कि वर्ष 2026 के चुनाव से पहले यह कदम भाजपा को ‘बौद्धिक और नैतिक समर्थन’ का संकेत है.
बंगाल सरकार की रोजगार नीति पर खड़े किये सवाल
भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद सुमित्र चट्टोपाध्याय ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार की रोजगार नीति पर सवाल खड़े किये. उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार विनिमय (Employment Exchange) से जुड़े लाखों युवाओं का डेटा एक प्रशासनिक आदेश से हटा दिया गया. उसकी जगह Employment Bank बनाया गया. इसमें लगभग 40 लाख युवाओं का पंजीकरण किया गया.
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बेरोजगार युवाओं को हर दिन 50 रुपए अपर्याप्त
उन्होंने कहा कि बाद में शुरू की गयी ‘युवश्री’ योजना बंद हो गयी. अब ‘युवा साथी’ योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को प्रतिदिन मात्र 50 रुपए की सहायता देने की बात कही गयी है. यह वास्तविक रोजगार जरूरतों के लिए अपर्याप्त है.
वंदेमातरम् ने राष्ट्रवाद की भावना को किया मजबूत – भूपेंद्र यादव
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की रचना ‘वंदे मातरम्’ ने देश में राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत किया. सुमित्र चट्टोपाध्याय जैसे सम्मानित और राष्ट्रवादी शख्सीयत का भाजपा में शामिल होना ‘विकसित बंगाल’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
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