उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में आदिवासी समाज के विरोध मार्च पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार भी की. इससे आदिवासी समाज का गुस्सा फूट पड़ा. आदिवासियों के खिलाफ हुई इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक ने ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला है.
भाजपा विधायक शिखा चटर्जी ने सरकार पर बोला हमला
डाबग्राम-फूलबाड़ी की भाजपा विधायक शिखा चटर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी को आदिवासियों की कोई परवाह नहीं है. यहां जितने भी लोग मौजूद थे, उन पर लाठीचार्ज हुआ है. पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उत्तरकन्या – ब्रांच सेक्रेटेरियट सभी का है, लेकिन विरोध मार्च को रोकने के लिए रास्ते बंद कर दिये गये.
आदिवासियों के उत्पीड़न के खिलाफ सचिवालय का घेराव
आदिवासियों का आरोप है कि उत्तर बंगाल में उनके समाज के लोगों का उत्पीड़न बढ़ा है. उनको परेशान किये जाने की घटनाएं बढ़ गयीं हैं. इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए अनुसूचित जनजाति के लोग सिलीगुड़ी में उत्तरकन्या – ब्रांच सेक्रेटेरियट (सचिवालय शाखा) की ओर बढ़ रहे थे. उन्हें रोकने के लिए पुलिस की तैनाती की गयी थी. पुलिस ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया. आंसू गैस के गोले दागने के साथ-साथ पानी की बौछार भी की.
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जनजाति सुरक्षा मंच ने किया था प्रदर्शन का आह्वान
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे जनजाति सुरक्षा मंच ने कहा है कि फांसीदेवा की एक गर्भवती आदिवासी महिला के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में वे लोग प्रदर्शन करने आये थे. प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी. पुलिस ने आदिवासियों पर लाठीचार्ज भी किया.
तीन बत्ती मोड़ के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर की कार्रवाई
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) समर्थित जनजाति सुरक्षा मंच के सदस्य राज्य सरकार के शाखा सचिवालय ‘उत्तरकन्या’ का घेराव करने जा रहे थे. झड़प उस समय हुई, जब प्रदर्शनकारियों ने तीन बत्ती मोड़ के पास बैरिकेड को पार करने की कोशिश की. पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है.
फांसीदेवा में 23 दिसंबर को गर्भ में हो गयी थी शिशु की मौत
23 दिसंबर को फांसीदेवा क्षेत्र में एक गर्भवती आदिवासी महिला पर कुछ लोगों ने उस समय हमला कर दिया था, जब जमीन विवाद को लेकर दो समूहों के बीच झड़प हुई. हमला करने वालों के लिए मृत्युदंड की मांग कर रहे थे. हमले में अजन्मे शिशु की मौत हो गयी थी.
पुलिस के दावे को गलत बता रहे लोग
पुलिस का कहना है कि झड़प के दौरान महिला पर कथित रूप से हमला किया गया. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. उधर, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस घटना में शामिल 4 अन्य व्यक्ति अब भी फरार हैं.
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