ये 3 आदतें समाज में आपकी इज्जत खत्म कर देती हैं, चाणक्य नीति में छिपा है सम्मान पाने का राज

आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी जीवन को सही दिशा दिखाने का काम करती हैं. कई बार इंसान अपनी ही कुछ गलत आदतों की वजह से धीरे-धीरे लोगों की नजरों में सम्मान खोने लगता है. इस आर्टिकल में जानिए ऐसी 3 आदतों के बारे में, जो अनजाने में आपकी इज्जत और पर्सनालिटी दोनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं.

आचार्य चाणक्य को अपने समय के सबसे ज्ञानी और बुद्धिमान पुरुष के तौर पर भी जाना जाता है. वे सिर्फ एक महान पॉलिटिशियन ही नहीं थे बल्कि एक जबरदस्त शिक्षक और मानव स्वभाव की समझ रखने वाले इंसान भी थे. उनकी कही गयी बातों को हम आज के समय में चाणक्य नीति के नाम से जानते हैं. अपनी नीतियों में चाणक्य ने इंसान के व्यवहार, रिश्तों और सफलता से जुड़ी कई तरह की बातों को गहराई से बताया है. आचार्य चाणक्य के अनुसार जीवन में सम्मान कमाना जितना मुश्किल है, उससे भी ज्यादा उसे बरकरार रखना मुश्किल है. आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में कुछ ऐसी गलत आदतों का जिक्र किया है जिनकी वजह से कोई भी इंसान देखते ही देखते दूसरों की नजरों में अपनी इज्जत को खत्म करता चला जाता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन गलत आदतों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं.

जरूरत से ज्यादा बोलने की आदत

आचार्य चाणक्य के अनुसार जो भी इंसान हर जगह बिना सोचे-समझे बोलता है, समाज में उसकी बातों की अहमियत कम हो जाती है या फिर खत्म हो जाती है. जो भी इंसान ज्यादा बोलता है वह अक्सर अपनी पर्सनल बातें, प्लांनिंग्स और कमजोरियों को दूसरों के सामने जाहिर कर देता है. इस तरह के लोगों को समाज कभी भी गंभीरता से नहीं लेता है. चाणक्य के अनुसार एक समझदार व्यक्ति वही होता है जो सही समय आने पर ही जरूरी बातों को बोले, जब कोई इंसान कम बोलता है तो समाज में उसका ज्यादा प्रभाव पड़ता है.

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हर किसी को खुश करने की कोशिश करना

कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो हमेशा ही दूसरों को खुश करने की कोशिश में लगे रहते हैं. इस तरह के जो लोग होते हैं वे अपनी सोच और आत्मसम्मान को पूरी तरह से भूल जाते हैं. चाणक्य नीति के अनुसार, जो भी इंसान हर समय ‘ना’ कहने से डरता है, समाज उसे कमजोर समझने लग जाता है. जब आप दूसरों की हद से ज्यादा परवाह करने लगते हैं, तो समाज आपकी अच्छाई का गलत फायदा उठाने लग जाता है. अगर आप समाज में सम्मान पाना चाहते हैं तो यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप अपनी बाउंडरीज तय करें और अगर कोई गलत बात हो तो उसका बिना डरे विरोध करें.

गलत लोगों की संगत में रहना

आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी भी इंसान की पहचान उसकी संगति या फिर दोस्तों से ही होती है. अगर कोई भी इंसान गलत सोच या फिर निगेटिव लोगों के साथ रहता है, तो उसका भी स्वभाव धीरे-धीरे वैसा ही हो जाता है. चाणक्य के अनुसार गलत संगत सिर्फ आपकी छवि ही खराब नहीं करता है, यह लोगों का आपके प्रति भरोसा भी खत्म कर देता है. चाणक्य नीति के अनुसार आपको उस तरह के लोगों के साथ रहना चाहिए जो आपको आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट करें और हमेशा ही सही रास्ता दिखाएं.

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लेखक के बारे में

By Saurabh Poddar

मैं सौरभ पोद्दार, पिछले लगभग 3 सालों से लाइफस्टाइल बीट पर लेखन कर रहा हूं. इस दौरान मैंने लाइफस्टाइल से जुड़े कई ऐसे विषयों को कवर किया है, जो न सिर्फ ट्रेंड में रहते हैं बल्कि आम पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी से भी सीधे जुड़े होते हैं. मेरी लेखनी का फोकस हमेशा सरल, यूजर-फ्रेंडली और भरोसेमंद भाषा में जानकारी देना रहा है, ताकि हर वर्ग का पाठक कंटेंट को आसानी से समझ सके. फैशन, हेल्थ, फिटनेस, ब्यूटी, रिलेशनशिप, ट्रैवल और सोशल ट्रेंड्स जैसे विषयों पर लिखना मुझे खास तौर पर पसंद है.

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