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झारखंड, बिहार समेत 10 राज्यों के CM के साथ नक्सल प्रभावित इलाकों की सुरक्षा की समीक्षा करेंगे अमित शाह

दिन भर भौतिक रूप से होने वाली इस बैठक के लिए झारखंड, बिहार, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और केरल के मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया गया है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
नक्सलवाद पर 10 राज्यों के साथ बैठक करेंगे गृह मंत्री अमित शाह
नक्सलवाद पर 10 राज्यों के साथ बैठक करेंगे गृह मंत्री अमित शाह
File Photo

नयी दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) 26 सितंबर (रविवार) को झारखंड, बिहार समेत नक्सल प्रभावित 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक बैठक करेंगे. बैठक में नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxal Affected Area) की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा (Security Review) की जायेगी. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

दिन भर भौतिक रूप से होने वाली इस बैठक के लिए झारखंड, बिहार, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और केरल के मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया गया है. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने यहां बताया कि बैठक में गृह मंत्री 10 नक्सल प्रभावित प्रदेशों में सुरक्षा स्थिति और माओवादियों के खिलाफ जारी अभियानों की मुख्यमंत्रियों के साथ समीक्षा करेंगे.

गृह मंत्री अमित शाह (MHA Amit Shah) नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़कों, पुलों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण जैसे मौजूदा विकास कार्यों (Development Work in Naxal Affected Areas) की समीक्षा भी कर सकते हैं. गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में माओवादी हिंसा (Maoist Violence) में खासी कमी आयी है और अब यह समस्या करीब 45 जिलों में व्याप्त है.

90 जिले माने जाते हैं नक्सल प्रभावित

हालांकि, देश के कुल 90 जिलों को माओवादी प्रभावित माना जाता है और वे मंत्रालय की सुरक्षा संबंधी व्यय योजना के तहत आते हैं. नक्सली हिंसा (Naxal Violence) को वामपंथी उग्रवाद (Left Extremism) भी कहा जाता है. वर्ष 2019 में 61 जिलों से नक्सली हिंसा की रिपोर्ट आयी थी, जबकि 2020 में यह संख्या घटकर 45 हो गयी.

5 साल में 380 सुरक्षाकर्मी और 1000 आम लोग मारे गये

आंकड़ों पर गौर करेंगे, तो पायेंगे कि वर्ष 2015 से 2020 के बीच वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न घटनाओं में करीब 380 सुरक्षाकर्मी, 1,000 आम नागरिक और 900 नक्सली मारे गये. इस दौरान करीब 4,200 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया.

Posted By: Mithilesh Jha

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